﻿यसायाह.
15.
मोआब देस के बिरूध एक अगमबानी: मोआब के आर नगर ह बरबाद हो गीस, एकेच रात म नास हो गीस! मोआब के कीर नगर ह बरबाद हो गीस, एकेच रात म नास हो गीस! 
दीबोन ह रोए बर ऊपर अपन मंदिर म, अपन ऊंचहा जगहमन म जाथे; नबो अऊ मेदबा नगर बर मोआब के मनखेमन बिलाप करथें। हर एक झन मुड़ मुड़ाय हवंय, अऊ हर एक झन दाढ़ी कटाय हवंय। 
सड़कमन म ओमन बोरा के ओनहा पहिरे हवंय; छत ऊपर अऊ चऊकमन म ओमन जम्मो भुइयां म गिरके, रोवत बिलाप करत हें। 
हेसबोन अऊ एलाले सहर के मनखेमन चिचियावत हें, ओमन के अवाज ह यहस नगर तक सुनई देवत हे। एकरसेति मोआब के हथियारधारी मनखेमन चिचियावत हें, अऊ ओमन के मन बहुंत उदास हवय। 
मोर हिरदय ह मोआब बर बिनती करत हे; ओकर सोअर नगर तक भगई, ओकर एगलत-सलीसिया नगर तक भगई। ओमन ऊपर पहाड़ी म लूहीत नगर करा जाथें, ओमन रोवत-रोवत जाथें; होरोनैम नगर के रसता म अपन बिनास बर ओमन बिलाप करथें। 
निमरीम घाटी के पानी ह सूखा गीस अऊ कांदी ह कुम्हला गीस; साग-पात, रूख-रई सब खतम हो गीस अऊ कोनो हरियाली नइं बांचिस। 
एकर कारन जऊन धन-संपत्ति ओमन बनाय हवंय अऊ संकेले हवंय ओला ओमन चिनार रूखमन के घाटी करा ले जावत हें। 
ओमन के रोए के अवाज मोआब के सीमना तक सुनई देवत हे; ओमन के सोक मनाय के अवाज एगलैम नगर, अऊ ओमन के बिलाप करे के अवाज बेर-एलीम नगर तक सुनई देवत हे। 
काबरकि दीमोन के सोतामन लहू ले भर गे हवंय, तभो ले मेंह दीमोन नगर ऊपर अऊ दुख-तकलीफ लानहूं— मेंह मोआब के भागे मनखेमन ऊपर अऊ ओ देस म बांचे मनखेमन ऊपर एक सिंह भेजहूं। 
