﻿भजन-संहिता.
141.
दाऊद के एक भजन। हे यहोवा, मेंह तोला पुकारत हंव, मोर करा जल्दी आ; जब मेंह तोला पुकारंव, त मोर बात ला सुन। 
मोर पराथना ह तोर आघू म खुसबूदार धूप के सहीं होवय; मोर हांथ के ऊपर उठई सांझ के बलिदान सहीं होवय। 
हे यहोवा, मोर मुहूं म एक पहरेदार बईठा दे; मोर ओंठ रूपी दुवार के रखवारी कर। 
मोर मन ला दुस्टमन कोति झन लगा ताकि मेंह ओ दुस्ट काम करइयामन संग ओमन के दुस्ट काम म भाग झन लेवंव; मोला ओमन के सुवादवाले जेवन ला झन खावन दे। 
धरमी जन ह मोला मारय—मोर ऊपर येह एक दया के बात होही; ओह मोला डांटय—येह मोर मुड़ म तेल चुपरे सहीं होही। मोर मुड़ ह येला इनकार नइं करही, काबरकि मोर पराथना ह तब भी दुस्ट काम करइयामन के बिरूध होही। 
ओमन के सासन करइयामन ला खड़े चट्टान म ले फटिक दिये जाही, अऊ दुस्ट मनखेमन जान जाहीं कि मोर बातमन सही अंय। 
ओमन कहिहीं, “जइसे नांगर जोते के बाद माटी ह टूटके बिखर जाथे, वइसे ही हमर हाड़ामन ला कबर के मुहूं म बगरा दिये गे हवय।” 
पर हे परमपरधान यहोवा, मोर आंखी ह तोर ऊपर लगे हवय; तोर करा मेंह सरन लेथंव—मोला मिरतू के हांथ म झन दे। 
मोला दुस्टमन के लगाय गय फांदा ले बचा, ओ फांदा जेला ओमन मोर बर लगाय हवंय। 
दुस्टमन अपन लगाय गय जाल म खुद फंसंय, अऊ मेंह सही-सलामत बचके निकल जावंव। 
