﻿भजन-संहिता.
110.
दाऊद के एक भजन। यहोवा ह मोर परभू ले कहिथे: “मोर जेवनी हांथ कोति बईठ जब तक कि मेंह तोर बईरीमन ला तोर गोड़ रखे के एक चउकी नइं बना देवंव।” 
यहोवा ह तोर सक्तिसाली राजदंड ला सियोन ले ये कहिके बढ़ाही, “अपन बईरीमन के बीच म सासन कर!” 
तोर सेना ह तोर लड़ई के दिन म अपन ईछा ले तोर संग चलही। पबितर सोभा ले सजके तोर जवानमन, बिहनियां के गरभ ले निकले ओस के सहीं तोर करा आहीं। 
यहोवा ह कसम खाय हवय अऊ ओह अपन मन ला नइं बदलय: “तेंह मलकिसिदक के रीति म, सदाकाल बर एक पुरोहित अस।” 
परभू ह तोर जेवनी हांथ कोति हवय; ओह अपन कोप के दिन म राजामन ला कुचर दीही। 
मरे मनखेमन के ढेर लगाके अऊ जम्मो धरती के सासन करइयामन ला कुचरके ओह जाति-जाति के मनखेमन के नियाय करही। 
डहार म रेंगत ओह झरना के पानी पीही, अऊ ये किसम ले अपन मुड़ ला ऊंच करही। 
