﻿भजन-संहिता.
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धनबाद अऊ महिमा देय बर एक भजन। हे धरती के जम्मो मनखेमन, यहोवा बर आनंद के मारे चिचियावव। 
खुस होके यहोवा के अराधना करव; आनंद के गीत गावत ओकर आघू म आवव। 
ये बात ला जानव कि यहोवा ही परमेसर अय। ओही ह हमन ला बनाय हवय, अऊ हमन ओकरेच अन; हमन ओकर मनखे, ओकर चरागन के भेड़ अन। 
धनबाद करत ओकर कपाट के भीतर अऊ परसंसा करत ओकर अंगना म जावव; ओला धनबाद देवव अऊ ओकर नांव के महिमा करव। 
काबरकि यहोवा ह बने अय अऊ ओकर मया हमेसा बने रहिथे; ओकर बिसवासयोग्यता ह जम्मो पीढ़ी म बने रहिथे। 
