﻿भजन-संहिता.
93.
यहोवा ह राज करथे, ओह वैभव के कपड़ा पहिरे हवय; यहोवा ह वैभव के कपड़ा पहिरे हवय अऊ ताकत ले भरे हवय; वास्तव म, संसार ला इस्थिर अऊ सुरकछित बनाय गे हवय। 
तोर सिंघासन ला अनादिकाल ले स्थापित करे गीस; तेंह अनंतकाल ले हस। 
हे यहोवा, समुंदर के पानी उठे हवय, समुंदर के अवाज ह उठे हवय, समुंदर के भयंकर लहरामन उठे हवंय। 
पानी के बड़े लहरामन के गरजन ले घलो सक्तिसाली, समुंदर के बड़े लहरामन ले घलो सक्तिसाली— ऊंचहा जगह म बिराजमान यहोवा ह सक्तिसाली ए। 
हे यहोवा, तोर बिधिमन इस्थिर बने रहिथें, पबितरता ह तोर घर ला जुग-जुग तक सजाय रहिथे। 
