﻿भजन-संहिता.
12.
संगीत के निरदेसक बर। सेमिनित के मुताबिक दाऊद के एक भजन। हे यहोवा, मदद कर, काबरकि अऊ कोनो वफादार नइं अंय; जऊन मन बिसवासयोग्य अंय, ओमन मनखेमन के बीच ले गायब हो गे हवंय। 
हर एक मनखे अपन परोसी ले लबारी मारथे; ओमन अपन मुहूं ले चापलूसी करथें पर अपन मन म धोखा के बात रखथें। 
यहोवा ह जम्मो चापलूसी करइया मुहूं अऊ हर ओ घमंड करइया जीभ ला बंद कर देवय— 
जेमन कहिथें, “हमन अपन जीभ के दुवारा जीत जाबो; हमर खुद के ओंठ ह हमर बचाव करही—हमर मालिक कोन अय?” 
यहोवा ह कहिथे, “मेंह अब उठहूं, काबरकि गरीब मनखे ला लूटे जाथे अऊ जरूरतमंद ह कलहरथे। मेंह ओमन ला ओ मनखेमन ले बचाहूं, जेमन ओमन ला कलंकित करत हें।” 
यहोवा के बचन म कोनो कमी नइं ए, येह भट्ठी म सुध करे गे चांदी के सहीं अय, ये सात बार सुध करे गे सोन के सहीं अय। 
हे यहोवा, तेंह जरूरतमंद ला सही-सलामत रखबे अऊ हमन ला हमेसा बर ओ दुस्टमन ले बचाय रखबे, 
जेमन अकड़के चलथें जब दुस्टता ला मनखेमन के दुवारा आदर करे जाथे। 
