﻿भजन-संहिता के किताब.
1.
धइन अय ओ मनखे, जऊन ह दुस्टमन के चाल म नइं चलय या पापीमन के रद्दा म ठाढ़ नइं होवय, या ठट्ठा करइयामन के संग म नइं बईठय, 
पर ओह यहोवा के कानून म खुस रहिथे, अऊ ओह ओकर कानून म रात अऊ दिन मनन-चिंतन करत रहिथे। 
ओ मनखे ह ओ रूख सहीं अय, जऊन ला बहत नरवा के तीर म लगाय गे हवय, अऊ सही समय म फरथे, अऊ जेकर पान ह कभू नइं अयलाय— जऊन कुछू ओह करथे, ओह सफल होथे। 
दुस्ट मनखेमन अइसे नइं होवंय, ओमन बदरा जइसे होथें, जऊन ला हवा ह उड़िया ले जाथे। 
एकरसेति दुस्ट मनखेमन अदालत म ठहर नइं सकंय, अऊ न ही पापीमन धरमीमन के सभा म ठहिरहीं। 
काबरकि यहोवा के नजर ह धरमीमन के चालचलन ऊपर रहिथे, पर दुस्टमन के चालचलन ह ओमन ला बिनास कोति ले जाथे। 
