﻿हितोपदेश.
19.
स्योरलिबै ताँ लबै बुद्धि आरबै म्हि भन्दा बरु ङ्‍हाँदु तलेया भर लल् खाँबै के लब छ्याँब ग। 
च्हैंब् मैंब् आलल्‍ले ह्रब् प्हैंब छ्याँब आत, आतुरि लमा घ्याँ फ्लेम्। 
बुद्धि आरेबै म्हिइ ह्रोंसए न्होह्रों तबै के लम्, चए खोंइ याहवेहए बिरोधर पोंम्। 
मुइ मुँबै म्हिइ थुमैं ल्हें खुमुँ, दिलेया ङ्‍हाँदु म्हिलाइ थुमैंइ पिथेंम्। 
स्योलिबै ग्वाइ पिंबै म्हिइ दण्ड योंब्मुँ, स्योर तेबै म्हि स्योरल् योंरिब् आरे। 
क्रथे मिथेमैंइ ल्होमिरिगे बिसि ल्हें म्हिमैंइ बिन्ति लम्, धै क्होल्सै पिंखबै म्हिल थु ल्हें तम्। 
ङ्‍हाँदु म्हिलाइ ह्रोंसए ह्रजे-म्हजेमैंइ हेल् लम्, चए थुमैंइ चलाइ पिवाम्! यो छ्युँ लसि चमैंए लिलि ह्‍यालेया चमैंलाइ आस्या। 
बुद्धि म्हैबै म्हिइ ह्रोंसलाइ म्हाँया लम्, ज्ञान बुद्धि म्हैबै म्हिल बिब् धों मैंब् धों तम्। 
स्योलिबै ग्वाइ पिंबै म्हिइ दण्ड योंब्मुँ, स्योर तेबै म्हि नास तब्मुँ। 
बुद्धि आरेबै म्हि सुख योंब आङ्हे, छलेन म्रुँए च्हमैं केब्छैंए न्होंर टिब झन् आङ्हे। 
च्हैंब् मैंब् लल् खाँबै म्हिइ ह्रिस थाम्दिल् खाँम्, आगुइ सैं नल् ललेया तोइ आङ्हाँब चए ल्हागिर छ्याँब ग। 
म्रुँ ह्रिस खब सिंह ङ्‍हेब् धों तब् ग, दिलेया म्रुँइ ल्हयो खस्याँ छिर्बै शीत धों तम्। 
आमादु च्हइ आबाए न्होह्रों लम्, धै कचकच लबै प्ह्रेंस्यो झरि त्हिंब् धों ग। 
धिं नेरो सै न्होरमैं आबाउँइँले खम्, दिलेया च्हैंब् मैंब् लल् खाँबै प्ह्रेंस्यो बिस्याँ याहवेहउँइँले खम्। 
प्ल्हेगु तसेरो न्हरु ल्हें खम्, धै प्ल्हेगु म्हि फतेन् तब्मुँ। 
परमेश्‍वरजी बिबै ताँमैं ङिंबै म्हिइ ह्रोंसए छ्ह जोगेम्; दिलेया खीजी प्रद् बिबै घ्याँलाइ तो धों आङ्हाँबै म्हि सिब्मुँ। 
आयो-आख्युब्मैंलाइ पिंब याहवेहलाइ खि पिंब् ग, धै खाबइ तो लइमुँ चए इनाम खीजी पिंब्मुँ। 
क्हिए आशा ह्रोंसए प्हसेमैंए फिर तमा चमैंलाइ तार झोंन्, छ आलस्याँ चमैं नास तबर क्हिइ ल्होब् धों तम्। 
ल्हें ह्रिस खबै म्हिइ सजैं योंब्मुँ, क्हिइ चलाइ जोगेइ बिस्याँ धबै छलेन् जोगेल् त्हुब्मुँ। 
सल्‍ला पिंबै ताँमैं थेदु धै अर्थिमैं सैंर थेंन्, छलस्याँ क्हि ह्रब्-सेब् तब्मुँ। 
म्हिए खोंर ल्हें चाँजोमैं तम्, दिलेया याहवेहए सैंर मैंबै ताँमैंन् पूरा तब्मुँ। 
म्हिइ खोंयोंइ बिले लबै म्हाँया लरिगे ङ्‍हाँम्, स्योर तेब् भन्दा बरु आयों-आख्युब तब छ्याँब् ग। 
याहवेहलाइ म्हाँदिमा छ्ह योंबै घ्याँर फेम्, छले च म्हि ढुका तसि टिल् खाँम्; धै चलाइ दुःखइ छुइल् आखाँ। 
प्ल्हेगुइ थलिर्न यो थेंरिमुँ, धै चइ यो क्वेसि ह्रोंसए सुँरै या आबो। 
आगुलाइ प्ह्रबै म्हिलाइ कोर्राइ प्रुद्, छलस्याँ ताँ आक्होबै म्हिइ बुद्धिए ताँ लोब्मुँ; ताँ क्होबै म्हिलाइ हौदिद्, छलस्याँ चइ ज्ञान बुद्धिए ताँ झन् क्होब्मुँ। 
ह्रोंसए आबालाइ लुडेब नेरो आमालाइ ल्हावाबै च्ह फाआपिबै बेजति या। 
ओ ङए च्ह, अर्थिए ताँमैं थेब् पिवाइ बिस्याँ ज्ञानए ताँमैं क्हिइ योंरिब् आरे। 
स्योलिबै ग्वाइ पिंमा निसाफ न्होंवाम्; धै दुष्‍ट म्हिइ आछ्याँबै ताँमैं छ्याँब ङ्‍हाँम्। 
खैच्हिजिले पोंब्मैंए ल्हागिर दण्ड, धै बुद्धि आरेबै म्हिए क्होर प्रिंबै ल्हागिर कोर्रामैं तयार लथेंइमुँ। 
