﻿हितोपदेश.
18.
आक्ह्रिबै म्हि लोबए लिलि प्रम्; धै छाबै म्हिइ क्ह्रिल् खाँबै ताँमैं थोम्। 
आमादुमैंइ ताँ क्होदा आङ्हाँ; चमैं ह्रोंसए ताँ फिर लल् योंस्याँ मत्त्रे सैं तोंम्। 
आछ्याँबै के लबै दुष्‍ट म्हि फापिल् तम्, धै छाबै म्हिलाइ खाबज्यै म्हि आल, चलाइ खाबज्यै आक्वें। 
बुद्धि मुबै म्हिए ताँमैं माँ ङ्युइ धों ग; धै क्होबै म्हिए ताँमैं मुल् त्होंसि बग्दिब स्यों धों तब् ग। 
दुष्‍ट म्हिए ख लब धै छ्याब आरेबै म्हिए ल्हागिर ठिक निसाफ आलब ठिक आङिं। 
आमादुइ पोंबै ताँइ प्होंगि मिम्, धै ह्रोंसए सुँइ लमन् चलाइ आगुइ प्रिंम्। 
ह्रोंसइ पोंबै ताँइन आमादुल न्होह्रों तम्; ह्रोंसइ पोंबै ताँइ लमन् च ङोर फेम्। 
पार्दिइ पोंबै ताँ लिंबै चबै सै धोंन् तम्; चइ पोंबै ताँ म्हिमैंइ सैं न्होंर क्वेंम्। 
लल् त्हुबै के युनन् आलबै म्हि न्होह्रों लबै म्हिए अलि धों तब् ग। 
याहवेहए मिं बेल्‍ले भोंबै धरर धों ग; छतसि ठिक के लब्मैं चर ह्‍यामा ग्वार योंम्। 
प्लबै म्हिए सैंर ह्रोंसने मुँबै सै न्होरन् भोंबै सहर ग; धै चए सैंर च बेल्‍ले नुल्‍ले झोंबै गारा धों तब् ग। 
तोन् तोर्न थेब् प्हैंबै म्हि नास तयाब्मुँ, कुरबै म्हिइ मान योंब्मुँ। 
ताँ थेब् भन्दा ओंसों ज्वाफ पिंबै म्हि आमादु ग; छाबै म्हि फापिन् तम्। 
म्हि सोदा ङ्‍हाँबै सैंइ च नरिबै त्हेर आश् पिंम्, दिलेया च सैं आरेस्याँ सोबै आशा म्हयाम्। 
ह्रब् सेब् तदा ङ्‍हाँबै म्हिइ ज्ञान बुद्धिए ताँमैं क्होल् म्हैम्; धै बुद्धि मुँबै म्हिइ छाबै ताँमैं थेबै सैं लम्। 
थेबै म्हिलाइ त्होबर क्होल्सै बोसि ह्‍यास्याँ चए घ्याँ खोल्दिम्। 
अर्को म्हि खसि ताँ छलफल आलन् समा मुद्दा झोंबै म्हिन् ठिक म्रोंम्। 
प्होंगि-कैगि लबै म्हिमैं आक्ह्रिमा गोला झोंमिस्याँ चमैंए झगडामैं च्याँ तयाम्। 
कारग्युले नुबै गारा झोंबै सहर ट्होब् भन्दा सैं नबै अलिलाइ वाँब झन् गारो तम्, धै अलिने प्होंब जिगल्सि झोंसि म्रा तोरब् धोंन् ग। 
म्हिए सुँइ पोंमा सैं म्रेंमुँ, छाबन ताँजगो चए छर खम्। 
सैब नेरो सोल् लबै शक्‍ति लेर मुँ, खैलि पोंइमु, चमैंइ चए रो चब्मुँ। 
प्ह्रेंस्यो योंबै म्हिइ छ्याँब सै योंम् धै चइ याहवेहउँइँले दयाम्हाँया योंम्। 
ल्हयो खमिंन् बिसि ङ्‍हाँदु म्हिइ बिन्ति लम्, दिलेया प्लबै म्हिइ आछ्याँल्‍ले जवाफ पिंम्। 
म्हिल थुमैं ल्हें मुँलेया नोक्सन् तल् खाँम्, दिलेया कोइ थु बिस्याँ आघें-अलि भन्दा या सब तम्। 
