﻿हितोपदेश.
9.
बुद्धिइ ह्रोंसए धिं बनेइमुँ; चइ त्हो ङिउलो क्योइमुँ। 
भत्‍तेरए ल्हागिर चइ र-क्यु सैइमुँ; लिंबै अँगुरए प्हा नेरो चबै सैमैं टेबलर थेंइमुँ। 
चइ ह्रोंसए केब्स्योमैं कुलइमुँ, धै सहरए नुबै क्ल्ह्‍योउँइँले, 
“ओ बुद्धि आरेब्मैं चुर खो!” बिदै ताँनलाइ हुइमुँ, 
धै “खो, ङने बालु चदु, ङने मुँबै लिंबै अँगुरए प्हा थुँन्। 
आछ्याँबै के लब्मैंने आप्रद्, ताँ क्होद् धै लोद्। छलस्याँ क्हेमैं सोब्मुँ,” बिम्। 
खैच्हिजिले पोंबै म्हिलाइ लोदा सैंदा लमा उल्टोन् फापेल् लमुँ, दुष्‍ट म्हिलाइ हौदिमा ह्रोंसलन् न्होह्रों तम्। 
खैच्हिजिले पोंबै म्हिलाइ आहौदिद्, आस्याँ चइ क्हि हेल लब्मुँ; दिलेया बुद्धि मुँबै म्हिलाइ हौदिमा चइ क्हिलाइ म्हाँया लब्मुँ। 
बुद्धि मुँबै म्हिलाइ अर्थि पिंमा च झन ह्रब्-सेब् तब्मुँ; ठिक के लबै म्हिलाइ लोमिंमा चइ झन् च्हैंब् मैंब् लल् खाँब्मुँ। 
याहवेहने प्रे ङ्हिंब्मैंइ बुद्धि योंम्, पबित्र परमेश्‍वरलाइ ङोसेबै म्हि च्हैंब् मैंब् लल् खाँम्। 
तलेबिस्या ङउँइँलेन् क्हिइ ह्रिंबै छ्ह योंब्मुँ, धै क्हि खिब् माँब् तन् समन् सोब्मुँ। 
क्हि बुद्धि मुँब् तइ बिस्याँ, बुद्धिइन क्हिलाइ इनाम पिब्मुँ; दिलेया खैच्हिजिले पोंस्याँ क्हिज्यै दु:ख योंब्मुँ। 
बुद्धि आरबै च्हमिरि थेबै कै तेसि पोंम्; च छ्यनपर्गन आरेब् नेरो ताँ आक्होब् तम्। 
च ह्रोंसए धिंर्बै म्रार धै सहरर्बै ताँन भन्दा नुबै क्‍ल्‍ह्‍योर टिमा 
चए रेउँइँले सरासर ह्रोंसए घ्याँर ह्‍यारिब्मैंलाइ 
“ओ बुद्धि आरब्मैं ओ ताँ आक्होब्मैं, चुर खो!” बिदै हुइम्। 
धै “ह्‍योइरि थुँबै क्यु लिंब तम्, लोइरि चबै क्हें ङाँबो खम्।” बिसि चइ बिम्। 
दिलेया च ङाँर ह्‍याब्मैं क्रोंर फेनेम्, धै चए योर फेब्मैंइ कालए सुँर फेनेबै या था आसे। 
