﻿हितोपदेश.
5.
ओ ङए च्ह, ह्रब-सेब तबै ल्हागिर ङए ताँ सैंर थेंन्; ङइ बिबै ताँमैं छेनाले थेद्। 
छलस्याँ छ्याँबै घ्याँर खैले प्रल् त्हुम् बिबै ताँ क्हिइ सेब्मुँ, धै क्हिए म्हदेइ ज्ञान बुद्धिए ताँ पोंब्मुँ। 
तलेबिस्याँ फ्रें क्ल्योंप्रबै च्हमिरिए सुँउँइँले खुदु चैम्, चइ पोंबै ताँमैं छ्युगु भन्दा प्लेब तम्, 
दिलेया लिउँइँ च च्हमिरि काँ धोंले काँब, नेरो धार ङ्हिं मुँबै छ्यारबै सेलाँ धों तम्। 
चए प्हले कालए घ्याँउँइँ क्युरु ल्हैदिम्; चए प्हलेमैं क्रोंउँइँ फेनेम्; 
चइ छ्ह योंबै घ्याँउँइँ आप्र; चए प्रब-टिब आछ्याँब मुँ, अझै चइ चु ताँ सेल् आखाँ। 
तारे ओ ङए च्ह-च्हमिमैं, ङए ताँ थेद्, धै ङइ बिबै ताँमैं ङिंन्, 
फ्रें क्ल्योंप्रबै च्हमिरिउँइँले ह्रेंगो टिद्, चए धिंर्बै म्राए चेंदो आह्‍याद्। 
आस्याँ क्हिइ ह्रोंसए न‍-मिं वाब्मुँ धै दयाम्हाँया आरेबै म्हिए योर फेब्मुँ, 
क्हिए सै न्होर स्यामैंइ चवाब्मुँ, धै क्हिइ छैब प्ह्‍युरासि कमैबै सैमैंइ आगुए धिं प्लिंब्मुँ, 
धै खिब् तबै त्हेर क्हि क्रोल् त्हुब्मुँ, च त्हेर क्हिला ह्रुइब् नेरो ट्हुबि मत्त्रे तब्मुँ, 
झाइले क्हिइ बिब्मुँ, “ओहो, ङ खै तदा ङ्‍हाँमुँ छान् तप्रइ, लोदा सैंदा लमा ङइ आङिं! 
गुरूमैंइ बिबै ताँमैं ङइ आङिं, धै म्हिमैंइ लोमिंमा ङइ थेबै न्ह आल। 
ङ नास तबै होल्दोंर्न फेइमुँ, धै हिमैंए उँइँर ङए न मिं ह्‍याल् खाँइमुँ।” 
ह्रोंसए ङ्‍हेखोर्बै क्यु थुँन्, ह्रोंसए क्यौदुउँइँले युब क्यु थुँन्। 
क्हिए क्यौदुउँइँर्बै क्यु घ्याँजरे तले ङेयाल् पिंब? धै क्हिए स्योंर्बै क्यु बजार जरे बग्दिल् पिंम्मा? 
च क्यु क्हिए ल्हागिर मत्‍त्रे तरिगे, आगुए ल्हागिर तिफुँइ आतरिगे। 
क्हिए प्ह्रेंस्यो क्हिए ल्हागिर आशिक तरिगे, धै क्हिए बैंसर्बै प्ह्रेंस्योने क्हि सैं तोंन्। 
च म्हाँया खबै फो नेरो तोंइ धोंले चनेन् सैं तोंसि टिद्। क्हि खोंयोंइ बिले चलाइ म्हाँया लरिद्। 
ओ ङए च्ह, क्हि तले फ्रें क्ल्योंइ प्रबै च्हमिरिने म्हाँयार फस्दिरिमुँ, क्हि तले आउए प्ह्रेंस्योने प्रमुँ? 
तलेबिस्याँ म्हिमैं खैले प्रब-टिब लइमुँ बिब याहवेहजी सेम्, धै खीजी चमैंइ लबै केमैंए जाँच लम्। 
ह्रोंसइ लबै आछ्याँबै केइन दुष्‍ट म्हि ङोर फेम्, धै ह्रोंसइ लबै आछ्याँबै केमैंन च पापर च्होवाम्। 
खै तदा ङ्‍हाँमुँ छान् लप्रबइले च सिब्मुँ, लोदा सैंदाए ताँमैं आथेसि आमादु तबइले चइ आछ्याँबै केमैं लप्रम्। 
