﻿हितोपदेश.
4.
ओ च्ह-च्हमिमैं, ह्रोंसए आबाए अर्ति ङेंन्, आबाए अर्ति सैंर थेंरिद्। छलस्याँ च्हैंब् मैब् लल् खाँब्मुँ। 
तलेबिस्याँ ङइ क्हेमैंलाइ छ्याँबै ताँमैं लोमिंमुँ, छतसि ङए अर्तिमैं आम्‍लेद्। 
तलेबिस्याँ ङै या आबाए च्ह मुँल, आमाइ ङलाइ बेल्‍ले म्हाँया लमल। 
ङए आबाइ ङ लोदा सैंदा लदै “ङइ बिबै ताँमैं क्हिए सैंर थेंन्; ङइ बिबै ताँमैं ङिंन्, छलस्याँ क्हिइ छेनाले छ्ह थोब्मुँ,” बिमल। 
“बुद्धि म्हैद्, च्हैंब् मैंब लल् खाँब तद्; ङइ बिबै ताँमैं आम्‍लेद्, धै ङइ बिबै ताँमैं थेलैया आथेब् धों आलद्। 
बुद्धिए ताँलाइ तो धोंइ आङ्हाँन्, चइ क्हिए रक्षा लब्मुँ; चलाइ म्हाँया लद्, चइ क्हिलाइ छेनाले डोरेब्मुँ। 
बुद्धि छ्याँबै ताँ ग; छतसि बुद्धि म्हैद्, क्हिइ तोन्दोंरि सै योंलेया च्हैंब् मैंब लल् खाँब तद्। 
बुद्धिए ताँमैं थेबै सै धों ङ्‍हाँन्, चइ क्हिए न-मि थेब् लब्मुँ; चलाइ म्हैद्, छलस्याँ चइ क्हिए आब्रु थेंब्मुँ। 
क्हिए खरिर चइ बेल्‍ले ङ्‍हेंबै माल पैरेमिंब्मुँ; धै क्हिए क्रर बेल्‍ले ङ्‍हेंबै मुकुट कुमिंब्मुँ।” 
ओ ङए च्ह थेद्, ङइ बिबै ताँमैं ङेंन्, धै क्हिइ ह्रिंबै छ्ह योंब्मुँ। 
ङइ क्हिलाइ बुद्धि योंबै ताँमैं लोमिंमुँ; धै ठिक घ्याँर डोरेमुँ। 
क्हि प्रमा, तो सैज्यै क्हिए प्हले क्होल् लरिब् आरे, धै क्हि न्हेमा क्हिए प्हले थुररिब् आरे। 
अर्तिए ताँमैं खोंयोंन् बिलै मैंथेंन्; चलाइ स्योरल् आपिंन्, चइ बिब ङेन, तलेबिस्याँ चइ क्हिलाइ छ्ह पिंम। 
दुष्‍ट म्हिमैं प्रबै घ्याँर आप्रद्, धै आछ्याँबै के लब्मैंइ लब् धोंले आलद्। 
दुष्‍ट म्हिमैंइ लबै केमैं आलद्, च घ्याँर क्हि आप्रद्; चमैं प्रबै घ्याँर आप्रद् ह्रोंसए घ्याँर प्रद्। 
तलेबिस्याँ दुष्‍ट म्हिमैं आछ्याँबै केमैं आलन् समा रोल् आखाँ; धै आगुए न्होह्रों आलन् समा न्हरु आख। 
दुष्‍ट के चमैंए चबै सै ग, धै आगुए न्होह्रों लब चमैंए थुँबै सै ग। 
दिलेया ठिक के लप्रबै म्हि प्रबै घ्याँ चारबै ह्‍वे धोंन् तम्, च ह्‍वे त्हिंयाँ आधा समा बेल्‍ले चारदै ह्‍याम्। 
दिलेया दुष्‍ट म्हिमैं प्रबै घ्याँ बिस्याँ बेल्‍ले मिछु खैब् धों तम्; तो सैर प्हले थुरइमुँ बिसि चमैंइ आसे। 
ओ ङए च्ह, ङए ताँमैं सैंर थेंन्; ङइ बिबै ताँमैं छेनाले थेद्। 
क्हिउँइँले च ताँमैं स्योरसि ह्‍याल् आपिंन्; च ताँमैं क्हिए खोंर थेंन्। 
तलेबिस्याँ ङए ताँमैं थेबै म्हिइ छ्ह योंम्, धै चए ज्यु सम्। 
ह्रोंसए सैंर आछ्याँबै ताँमैं आमैंन्, तलेबिस्याँ क्हिए सैंइ मैंबै ताँमैंन् क्हिए छ्हर तम्। 
आछ्याँबै ताँ-फुँमैं क्हिए सुँउँइँले आत्होंरिगे, स्योर ताँमैं क्हिए म्हदेइ आपोंरिगे। 
फा पिन् तसि क्हिए क्र क्युरु आतरिगे बिसि। भर लल् खाँब तसि ठिक केमैं लद्। 
क्हिइ लबै केमैं ताँन् छ्याँब तरिगे बिसि। क्हिइ च्हैंसि-मैंसि के लद्; 
क्हि क्योलो त्हर्ग्योउँइँ आतोद्; आछ्याँबै केमैं लबर आप्रद्। 
