﻿भजनमैं.
109.
क्वे प्रिंब्मैंए चिबए ल्हागिर दाऊदए भजन घ्रि। ओ परमेश्‍वर, ङ क्हिए मिं क्वेब्मुँ, आपोंन्ले आटिमिंन्! 
तलेबिस्याँ आछ्याँबै के लब्मैं नेरो स्योलिबै ताँ पोंब्मैं ङए बिरोधर पोंइमुँ, धै चमैंइ स्योर तेबै लेइ ङए बिरोधर पोंइमुँ। 
चमैंइ ङने छेरन् ङ्हाँबै ताँमैं पोंइमुँ, धै तोन् तोर्न चमैं ङए फिर ह्‍वाखम्। 
ङइ चमैंए फिर म्हाँया ललेया चमैंइ ङलाइ छ्याब् ल्हैदिम्, दिलेया ङ बिस्याँ चमैंए ल्हागिर प्राथना लरिम्। 
चमैंलाइ छ्याँन् ललेया चमैंइ ङए न्होह्रों लम्, धै ङइ म्हाँया ललेया चमैंइ ङलाइ हेल लम्। 
छतसि ङए शत्‍तुरए बिरोध लबै ल्हागिर दुष्‍ट म्हि घ्रि त्हाँन्; धै चए फिर छ्याब् ल्हैदिबै म्हि चए क्योलोउँइँ राल् पिंन्। 
चए निसाफ तमा च छ्याब् मुँब ठर्दिरिगे; धै चइ प्राथान लमा चलाइन दण्ड योंरिगे! 
चए छ्ह रिंठि तरिगे; धै चए पद आगुइ प्हेंवारिगे! 
चए प्हसेमैं आबा आरेब्मैं तरिगे धै चए प्ह्रेंस्यो म्हरेस्यो तरिगे! 
चए प्हसेमैं आगुने ह्रिसि चल् त्हुरिगे, चमैं टिबै फुयाबै धिंउँइँले त्होंसि चबै सैमैं म्हैल् त्हुरिगे! 
चने मुँबै ताँन् सै न्होर साउइ किंवारिगे; धै चइ दुःख लसि रोबै रोमैं स्याँमैंइ लुडिरिगे! 
चए फिर म्हाँया लब्मैं खाबै आतरिगे, धै चए आबा आरेबै प्हसेमैंए फिर ल्हयो खब्मैं या खाबै आतरिगे! 
चए सन्तानमैं ताँन् नास तयारिगे; धै लिउँइँ खबै पुस्तार चए मिं क्ह्रन् म्हयारिगे! 
चए खेबाज्युइ लबै आछ्याँबै केमैं याहवेहजी मैंरिगे, धै चए आमाइ लबै पाप खोंयोंइ आमेटिरिगे! 
चमैंइ लबै पाप खोंयोंइन याहवेहए उँइँर तरिगे, धै खीजी चमैंए मिं पृथ्बीउँइँले मेटिवारिगे! 
तलेबिस्याँ आगुए फिर म्हाँया लम् बिसि चइ खोंयोंइ आमैं, दिलेया दु:ख योंब्मैं नेरो आयों-आख्युब्मैंलाइ चइ ह्रुगिदिइ, धै सैं चोयाब्मैंलाइ सैयाइ। 
चइ खैले आगुए फिर सराप झोंइ, छलेन चए फिर सराप ल्हैदिरिगे; चइ आगुए फिर आशिक पिंब आखोमल, छतसि चइ आशिक आयोंरिगे! 
क्वें खिब् धोंले चइ सराप लब खिइमुँ; चए फोर क्यु धोंले सरापइ प्लिंइ, धै छ्युगु धोंले चए ह्रिबर सराप होंइ! 
चए ल्हागिर सराप क्वें धोंन् तरिगे, धै चए क्रेर सराप खोंयोंइ खिरिबै फगि धोंन् तरिगे! 
ङए फिर छ्याब् ल्हैदिब्मैं नेरो ङए बिरोधर आछ्याँबै ताँ पोंब्मैंलाइ याहवेहजी छाबन् इनाम पिंरिगे! 
दिलेया ओ याहवेह, ङए थेबै प्रभु, ङइ क्हिए मिं थेब लरिगे बिसि ङए फिर ल्हयो खमिंन्; क्हिए खोंयोंइ आनुबै म्हाँया बेल्‍ले थेब मुँ, छतसि ङलाइ जोगेमिंन्। 
तलेबिस्याँ ङ आयोंब आख्युब मुँ, धै ङए सैं बेल्‍ले नइमुँ। 
ङेसर्बै छरि धोंले ङ म्हयामुँ; तिनि क्वेंउँइँले भ्योंवाब् धोंले ङलाइ खारासि भ्योंवाइमुँ। 
बर्त टिब्रें लमा ङए च्हिमैं आभोंब् तइमुँ; ङए ज्यु च्हवेसि कारयाइमुँ। 
ङलाइ छ्याब् ल्हैदिब्मैंए उँइँर ङ आखोबै म्हि तइमुँ; ङलाइ म्रोंमा चमैंइ क्र लाम्। 
ओ ङए याहवेह परमेश्‍वर, ङलाइ ल्होमिंन्! क्हिए खोंयोंइ आनुबै म्हाँयाजी ङ जोगेमिंन्! 
क्हिए योइन छ लइ बिसि चमैंइ सेरिगे; ओ याहवेह, चु क्हिजीन् लब् ग बिसि चमैंइ क्होरिगे! 
चमैंइ ङलाइ सराप पिंलेया क्हिजी आशिक पिंब्मुँ! चमैंइ ङए फिर यो झोंखमा चमैं फापिल् तब्मुँ, दिलेया क्हिए के लबै म्हि ङ सैं तोंल् योंब्मुँ! 
ङए फिर छ्याब् ल्हैदिब्मैं फापिल् त्हुबै क्वें खिरिगे; धै फापिबै पछ्यौरइ चमैं हुवारिगे! 
ङ ह्रोंसए सुँइ याहवेहलाइ बेल्‍ले थेब लब्मुँ; ल्हें म्हिए म्हाँजोर ङ खीए क्वे प्रिंब्मुँ। 
तलेबिस्याँ दण्ड पिंबै म्हिउँइँले दु:ख योंबै म्हिलाइ जोगेमिंबै ल्हागिर चए क्योलोउँइँ खी रारिम्। 
