﻿भजनमैं.
107.
याहवेहलाइ धन्यबाद पिंन्, तलेबिस्याँ खी स्वाब मुँ, खीए म्हाँया खोंयोंन् बिलै तरिम्! 
याहवेहजी खामिंब्मैंइ छान् बिरिगे! खीजी शत्तुरमैंए योउँइँले सै फोसि चमैंलाइ फ्रेमिंइ। 
खीजी चमैंलाइ ह्‍युल-ह्‍युलउँइँले, स्यार, न्हुँर नेरो ताइ माइले खागु लइमुँ। 
को-कोइ क्यु आयोंबै क्‍ल्‍ह्‍योजरे अलमल् तसि प्रमल, टिबै ल्हागिर चमैंइ खनिरै सहरर्बै घ्याँ आस्या। 
फो ख्रेंसि क्यु पिसि, चमैंए सो ह्‍याम् उ बिदिन् तल। 
छतमा चमैंइ ह्रोंसए दुःखर याहवेहने क्रोदै ग्वार ह्रिइ, धै खीजी चमैंए दु:खउँइँले फ्रेमिंइ। 
चमैं छ्याँबै क्ल्ह्‍योर फेनेसि टिल् खाँरिगे बिसि खीजी चमैंलाइ ठिक घ्याँर डोरेइ। 
याहवेहजी लबै खोंयोंइ आनुबै म्हाँयाए ल्हागिर नेरो म्हिमैंए फिर खीजी लबै औदिबै केमैंए ल्हागिर चमैंइ धन्यबाद पिंरिगे। 
तलेबिस्याँ खीजी क्यु पिब्मैंलाइ क्यु पिब सल् लमिंम्, धै फो ख्रेंब्मैंलाइ लिंब् लिंबै सैमैंइ म्रेंल् पिंम्। 
को-कोइलाइ दु:ख नेरो सँउँलिइ फैथेंमल, चमैं मिछु खैबै कालए छरि न्होंर टिमल, 
तलेबिस्याँ चमैंइ परमेश्‍वरजी पोंबै ताँमैं थोल, धै ताँन् भन्दा थेबै परमेश्‍वरजी पिंबै सल्‍ला तो धोंइ आङ्हाँल। 
छतसि खीजी चमैंलाइ बेल्‍ले दुःखले के लल् पिंइ; चमैं क्हुरियामा चमैंलाइ ल्होब खाबै आत। 
छतमा चमैंइ ह्रोंसए दुःखर याहवेहने क्रोदै ग्वार ह्रिइ, धै खीजी चमैंए दु:खउँइँले फ्रेमिंइ। 
खीजी मिछु खैबै कालए छरि न्होंउँइँले चमैंलाइ बैरु पखइ, धै खीजी चमैंए फैछोमैं कुदु-कुदु लवाइ। 
याहवेहजी लबै खोंयोंइ आनुबै म्हाँयाए ल्हागिर नेरो म्हिमैंए फिर खीजी लबै औदिबै केमैंए ल्हागिर खीलाइ धन्यबाद पिंरिगे। 
तलेबिस्याँ खीजी काँसाए मुल म्रामैं फुवाम्, धै नुल्‍ले थोइ थेंबै पैए बारमैं टोंवाम्। 
को-कोइ ह्रोंसइ लबै आछ्याँबै केमैंइ लमा मुर्ख तइ, धै ह्रोंसए अपराधइ लमा बेल्‍ले दुःख योंइ। 
चमैंलाइ चबै सैमैं तिफुँइ चदा आङ्हाँ। छतसि चमैं सिबिन् छेल। 
छतमा चमैंइ ह्रोंसए दुःखर याहवेहने क्रोदै ग्वार ह्रिइ, धै खीजी चमैंए दु:खउँइँले फ्रेमिंइ। 
खीजी सयाद् बिमा चमैं सयाइ; धै चमैंलाइ कालउँइँले जोगेमिंइ। 
याहवेहजी लबै खोंयोंइ आनुबै म्हाँयाए ल्हागिर नेरो म्हिमैंए फिर खीजी लबै औदिबै केमैंए ल्हागिर खीलाइ धन्यबाद पिंरिगे। 
चमैंइ धन्यबादए ख्रो पिंरिगे, धै सैं तोंबै क्वेमैं प्रिंदै खीजी लबै केमैंए बयन लरिगे। 
को-कोइ झाजर क्रेसि स्युरइ; चमैं मा ङ्युँइए फिर छों लब्मैं मुँल। 
याहवेहजी लबै केमैं चमैंइ म्रोंइ, मा ङ्युँइए गैरु क्ल्ह्‍योर खीजी लबै औदिबै केमैं चमैंइ म्रोंइ। 
तलेबिस्याँ खीजी बिमा थेबै नाँ-खैं तइ, नाँ खैंइ लमा मा ङ्युँइर्बै भेलमैं रेइ। 
च भेलमैं मु समन् क्रेसि ह्‍याइ, धै धबै मा ङ्युँइए तेंर्न तेयुइ; छाबै दु:खइ लमा चमैं भों आखन् तयाइ। 
प्हा ल्हें थुँसि म्हेरबै म्हिमैं धोंब चमैं लयाल; धै चमैं तोइ मैंल् आखाँब् तयाल। 
छतमा चमैंइ ह्रोंसए दुःखर याहवेहने क्रोदै ग्वार ह्रिइ, धै खीजी चमैंए दु:खउँइँले फ्रेमिंइ। 
खीजी थेबै नाँ-खैं च्याँ लमिंइ; धै मा ङ्युँइर्बै भेलमैं या टियाइ। 
नाँ-खैं च्याँ तबै लिउँइँ चमैं सैं तोंइ, धै चमैं ह्‍यादा ङ्हाँबै क्ल्ह्‍योर खीजी सथेंनेइ। 
याहवेहजी लबै खोंयोंइ आनुबै म्हाँयाए ल्हागिर नेरो म्हिमैंए फिर खीजी लबै औदिबै केमैंए ल्हागिर खीलाइ धन्यबाद पिंरिगे। 
ल्हें म्हि च्होंबै क्ल्ह्‍योर चमैंइ खीए बयन लरिगे, धै चिबनाँबमैं च्होंबै क्‍ल्‍ह्‍योर चमैंइ खीए मिं थेब् लरिगे। 
खीजी स्योंमैं क्यु आयोंबै क्‍ल्‍ह्‍यो धोंन् लवामुँ, क्युए मुलमैं कारबै क्‍ल्‍ह्‍यो धोंन् लवामुँ, 
धै मलिलो सलाइ चज ङ्हाँबै ह्रुखो लमिंइ। चर टिबै म्हिमैंइ आछ्याँबै केमैं लबइले छ तब् ग। 
खीजी क्यु आयोंबै क्‍ल्‍ह्‍योमैं ङ्ह्‍योखोमैं लमिंइ, धै कारयाबै क्‍ल्‍ह्‍योमैंर स्योंमैं युमिंइ; 
फो ख्रेंरिब्मैंलाइ खीजी चर टिबर पखइ, धै चमैंइ खेंमैं टिबै ल्हागिर सहर घ्रि बनेइ। 
चमैंइ म्रोंर प्लु प्लुसि अँगुरए धुँमैं या रुँइ, धै छ्याँबै रोमैं रोइ धै योंइ; 
चमैंए फिर खीजी आशिक पिंसि चमैंए सन्तान ल्हें तइ, झाइले चमैंए खेदोंमैं या खीजी च्युगुदे तल् आपिं। 
चमैंए फिर दु:ख कष्‍ट नेरो शोक तमा चमैं च्युगुदे तयाइ धै चमैं म्हि आच्हिन् तयाइ। 
खीजी क्रथे मिंथेमैंलाइ खाबज्यै आक्वेंब लवामुँ, धै सिंधुँमैं तोइ आरेबै क्‍ल्‍ह्‍योजरे चमैंलाइ क्याइ खैने माइ खै लवामुँ। 
दिलेया खीजी ङ्हाँदुमैंलाइ चमैंए दुःखउँइले फ्रेसि कैंडो लमिंम्; धै चमैंए परवामैं क्युए बगल धोंले ल्हें लमिंइ। 
ठिक के लब्मैंइ चु म्रोंब्मुँ धै तोंब्मुँ, दिलेया दुष्‍ट म्हिमैंइ ह्रोंसए सुँ म्रुब्मुँ। 
बुद्धि मुँबै म्हिमैंइ चु ताँमैं छेनाले क्होल् म्हैरिगे, धै याहवेहजी लबै खोंयोंइ आनुबै म्हाँया चमैंइ क्होब्मुँ। 
