﻿भजनमैं.
72.
सोलोमनए भजन ओ परमेश्‍वर, क्हिजी लब् धोंले म्रुँलाइ निसाफ लल् पिंन्, धै क्हिजी ठिक के लब् धोंले म्रुँए च्हलाइ ठिक के लबर लोमिंन्। 
धै क्हिए म्हिमैं नेरो दुःख योंब्मैंए फिर चइ ठिक निसाफ लब्मुँ। 
कोंमैंइ क्हिए म्हिमैंलाइ प्लोब लमिंम्, धै क्लिं क्हाँमैंइ ठिक केमैं लल् पिंब्मुँ। 
म्हिमैं दुःख तमा चइ रक्षा लब्मुँ, ङ्हाँदुमैंए प्हसेमैंलाइ जोगेब्मुँ, धै आगुए न्होह्रों लब्मैंलाइ चइ न्होंर प्लेवाब्मुँ! 
लयाँ नेरो त्हिंयाँ मुँन् समा ताँन् पुस्ता-पुस्ताइ चए मिं क्वेरिगे। 
छि खैंवाबै चउरर युबै नाँ धों तब नेरो स क्योबै झरि धों तब च तब्मुँ। 
चए ग्याल्सर ठिक के लब्मैंल बिब् धों तरिगे, धै लयाँ मुँन् समा तोन्दोंरि सै छ्याँब तरिगे! 
मा ङ्युँइ घ्रिउँइँले अर्को मा ङ्युँइ समा, धै यूफ्रेटिस बिबै स्योंउँइँले पृथ्बीए साँद् समा चइ ग्याल्स लब्मुँ! 
क्यु आयोंबै क्‍ल्‍ह्‍योर्बै ह्रेंमैं चए उँइँर कुरब्मुँ, धै चए शत्तुरमैंइ त्हुल ल्हेंब्मुँ! 
तर्शीश नेरो ह्रेंगोबै मा ङ्युँइए रेजरेबै म्रुँमैंइ च ङाँर बालि फोखब्मुँ; शेबा नेरो सेबाए म्रुँमैंइ चलाइ भेटि पिंखब्मुँ! 
ताँन् म्रुँमैं चए उँइँर पदखु तब्मुँ, धै ताँन् ह्रेंमैंइ चए सेवा लब्मुँ! 
ङ्हाँदुमैंइ नेरो ल्होबै म्हि आरेब्मैंलाइ ग्वार ह्रिमा चइ जोगेमिंब्मुँ। 
भों आरेब्मैं नेरो ङ्हाँदुमैंए फिर चइ ल्हयो खब्मुँ, धै ङ्हाँदुमैंए ज्यु जोगेमिंब्मुँ। 
आगुइ क्र ओलै आपिंब्मैं नेरो ल्हें दुःख योंब्मैंलाइ चइ जोगेमिंब्मुँ, तलेबिस्याँ चए उँइँर चमैंए को किंसे किंल् आखाँब मुँ। 
चइ ह्रिंग्यो छ्ह योंरिगे; शेबा ह्‍युलर्बै मारा म्हिमैंइ चलाइ भेटि पिंरिगे! चए ल्हागिर म्हिमैंइ खोंयोंइन् बिले प्राथना लरिगे, त्हिंइतिमिन् चमैंइ चए फिर आशिक ह्रिरिगे! 
ह्‍युल तिगोंन् रा-रोमैंइ प्लिंरिगे; कोंए च्होजरे च रा-रोमैं बेल्‍ले छ्याँरिगे; च‍ए रोमैं लेबनान धोंले म्रेरिगे; च खर्कर्बै छि मौलिदिब् धोंले सहरर्बै म्हिमैं प्लोरिगे। 
चए मिं खोंयोंन् बिलै तरिगे, त्हिंयाँ धोंले चए बयन ल्हें समा तरिगे! ताँन् ह्रेंमैंइ चउँइँले आशिक योंरिगे, धै चमैंइ चए मिं थेब् लरिगे। 
याहवेह परमेश्‍वरजी मत्‍त्रे औदिबै केमैं लम्, छतसि इस्राएलए परमेश्‍वरए मिं थेब तरिगे। 
खीए थेबै मिं खोंयोंन बिलै क्वेरिगे; पृथ्बी तिगोंन् म्हिमैंइ खीए थेबै के म्रोंरिगे! 
यिशैए च्ह दाऊदए प्राथना चुर खाँइ। 
