﻿भजनमैं.
65.
क्वे प्रिंब्मैंए चिबए ल्हागिर दाऊदए भजन घ्रि, क्वे घ्रि। ओ परमेश्‍वर, सियोनर ङिइ क्हिए मिं क्वेब्मुँ, छले क्हिने फैबै ताँन् भकलमैं ङिइ पूरा लब्मुँ। 
ओ प्राथना थेमिंबै परमेश्‍वर, क्हिए प्हलेर्न ताँन् म्हिमैं खब्मुँ। 
ङिइ छेरन् ङ्हाँबै केमैं लसि पापर प्ल्हुँरिम ङिए अपराधमैं क्हिजी क्षमा लमिंइ। 
क्हिजी त्हाँबै म्हिमैंइ आशिक योंम्, धै क्हिजी चमैंलाइ क्हि ङाँर पखसि क्हिए धिंर्बै ह्‍युर टिल् पिंम्! क्हिए धिंर्बै लिं-लिंबै सैमैं नेरो क्हिए पबित्र धिंर मुँबै आशिकमैंइ ङिं बेल्‍ले सैं तोंल् लमिंब्मुँ। 
ओ ङिलाइ जोगेमिंबै परमेश्‍वर, क्हिजी ठिक के लमा थेब्-थेबै केमैंउँइँले ङिलाइ ज्वाफ पिंम्। पृथ्‍बीर्बै ताँन् साँदर टिबै ह्रेंमैं नेरो ह्रें-ह्रेंगोर्बै मा ङ्युँइए रेजरेबै ताँन म्हिमैंइ क्हिए फिर्न आशा थेंरिम्। 
क्हिजी ह्रोंसए भोंउँइलेन् नुबै कोंमैं बनेइ, थे-थेबै के लबै शक्‍ति क्हिनेन् मुँ। 
थेबै कैले ङ्‍हेबै मा ङ्युँइ नेरो चर्बै भेल्गमैं ङ्‍हेब, नेरो ह्रें-ह्रेंमैंइ लबै खैला-बैला क्हिजीन् च्याँ लमिंम्। 
क्हिजी लबै थे-थेबै केमैं म्रोंसि ह्‍युल तिगोंर्बै म्हिमैं ङ्हिंम्। न्हाँग तमा ङेसा तमा क्हिजी म्हिमैं सैं तोंदै क्वेमैं प्रिंल् पिंम्। 
क्हिजी पृथ्बीए वास्ता लमुँ, धै नाँ कुलमिंसि स प्हाँमिंमुँ, क्हिजी चर ल्हें रा-रोमैं रोमिंमुँ। म्हिमैंए ल्हागिर चबै सैमैं योंरिगे बिसि परमेश्‍वरए स्योंमैं क्युइ प्लिंरिमुँ, तलेबिस्याँ क्हिजी छान् तरिद् बिल। 
क्ल्योबै क्ल्ह्‍योए छेउ समन् क्हिजी छेनाले क्युइ क्योमिंम्। नाँ कुलसि स ङ्याल-ङ्याल लमिंम्, झाइले क्हिजी चर ल्हें रोमैं रोल् पिंम्। 
क्हिजी ठिक त्हेर ल्हें रा-रोमैं योंल् पिंम्। धै क्हिए भकारिमैं खोंयोंन् बिलै प्लिंरिम्। 
तोइ आकेबै क्ल्ह्‍योरै या पिंक्योले छिमैंइ प्लिंइमुँ, धै कोंमैं सैं तोंइमुँ, 
खर्कमैं र-क्युमैंइ प्लिंइमुँ, धै ब्याँसिमैं रा-रोमैंइ प्लिंइमुँ। छतसि ताँन् क्ह्रिमा चमैंइ कै तेसि सैं तोंदै क्वे प्रिंम्। 
