﻿भजनमैं.
13.
क्वे प्रिंब्मैंए चिबए ल्हागिर दाऊदए भजन घ्रि। ओ याहवेह, खोंयों समा क्हिजी ङ म्‍लेमुँ? क्हिजी खोंयोंइन म्‍लेवाम्‍मा? क्हिजी ह्रोंसए लि ङने खोंयों समा लोरिम्? 
खोंयों समा ङइ सैं न्होंरि दुःख सैदिल् त्हुब् जा? धै त्हिंइ ह्रोंसे ङइ कति न्हुँ लब? खोंयों समा ङए शत्तुरमैं ङए फिर ट्होगों तरिम्? 
ओ याहवेह ङए परमेश्‍वर, ङए फिर मि ङ्‍ह्‍योमिंन्, धै ङने ज्वाफ पिंन्, ङलाइ धबै भों पिंन्, आस्याँ ङ क्रोंर फेब्मुँ। 
आस्याँ ङए शत्तुरइ, “ङइ च ट्होवाइ,” बिब्मुँ, धै ङ क्हुरियामा ङए शत्तुरमैं सैं तोंब्मुँ। 
दिलेया क्हिए खोंयोंइ आनुबै म्हाँयार ङइ सैं केंइमुँ, क्हिजी ङ जोगेमिंबइले ङए सैं तोंब्मुँ। 
ङ याहवेहए क्‍वे प्रिंब्मुँ, तलेबिस्याँ खीजी ङए फिर ल्हयो खम्। 
