﻿मत्ती.
5.
त्यो इनीये गर्दी क देखीन बयड़ा पर चढ़ी गया, आरू जव बठ्या गया तो ओका चेला ओका पास मा आया। 
आरू त्यो आपनो मुय उघाड़ी तीनुक यो शिक्षा देने लाग्या: 
“धन्य होय छे त्यो, जो मन क दाहड़ो छे, काहकि सोरग क राज्य ओकान छे।” 
“बरकत वाळो छे त्यो, जो शोक करता छे, काहकि त्यो शांती देखे।” 
“बरकत वाळो छे त्यो, जो नम्र छे, काहकि त्यो पृथ्वी क हकदार हुयसे।” 
“धन्य होय छे त्यो, जो न्यायपन क भूखला आरू पीसला छे, काहकि त्यो तृप्त कर्‍या जाछे।” 
“बरकत वाळो छे त्यो, जो दयावन्त छे, काहकि उन पर दया कर जाछे।” 
“बरकत वाळो छे त्यो, जिन क मन चुखो छे, काहकि त्यो यहोवा–भगवान क देखछे।” 
“बरकत वाळो छे त्यो, जो मेल करनेवावा छे, काहकि त्यो यहोवा–भगवान क पोर्‍या कवायसे।” 
“बरकत वाळो छे त्यो, जो न्यायपन क कारण सताय जातो छे, काहकि सोरग क राज्य तीनुक क छे।” 
“धन्य होय तुमू, जव मानुस मारे कारण तुमरी निंदा करे, आरू सताय आरू झूठ बुली तुमरे विरोध मा सब रीति की बुरी वात कये।” 
तव खुश आरू मगन हुयने, काहकि तुमरे करता सोरग मा मोटो फोव छे। अतरानकरीन करीन क त्या कागळियान क जो तुमरे सी पेहल हुता इनी रीति सताया। 
“तुमू पृथ्वी क नोन होय; पुन यदि नोन क हवाद बिगड़ी जाय, तो त्यो पछु काही समान छे नोन कर्‍या जाछे? पछु त्यो काही काम क नी, केवल यो कि बाहरता नाख दियो जाय आरू मानुस क पायो तवे रौदा जाय।” 
तुमू जगमा की दिया होय जो नगर बयड़ा पर बठ्या होया छे त्यो डुकाय नी सकता। 
आरू मानसे दिया धपाड़्या कागुन क नेचो नी पुन दीवट पर राख छे, तव ओको छे घर क सब मानसे क विजात्यो पुगजा छे। 
तीनी रीति तुमरो विजात्यो मानुस क सामने चमके कि त्यो तुमरा बास की, जो सोरग मा छे, बढ़ाई कर्‍या। 
“यो नी समझ, कि हाव व्यवस्था या भविष्यवक्ता की किताब क लोप करने आश छे, लोप करने नी, पुन पूरो करने आश छे।” 
काहकि हाव तुमू छे छाचो कयता छे, कि जव तक सोरग आरू पृथ्वी टव नी जाय, तव तक व्यवस्था छे एक मात्रा या एक बिंदु भी बिना पूरो हुयनो नी टळसे। 
एरकरीन जो काही इना नाना सी नाना हुकुम मा सी एक क तुड़े, आरू तसोत् लोगहन क सिखाडे, त्यो सोरग क राज्य मा सब सी नानो कवायसे; पुन जो कोय उना हुकुम क पालन करसे आरू तीनुक सिखाड़से, त्योत् सोरग क राज्य मा महान कवायसे। 
काहकि हाव तुमू छे कयता छे, कि यदि तुमरी न्यायपन शास्त्र आरू फरीसियों की न्यायपन छे बढ़ीन नी होयस, तो तुमू सोरग क राज्य मा कदी भरायने करने नी देखछे। 
“तुमू सोमवी चुक्या होय, कि पेहला मानसे छे कयो गया हुता कि ‘हत्या नी करने आरू जो काही हत्या करसे त्यो कचहरी मा दण्ड क योग्य होयछे।’ 
पुन हाव तुमू छे यो कयता छे, कि जो काही आपने भाईस पर रीस करसे, त्यो कचहरी मा दण्ड क योग्य होयछे, आरू जो काही आपसा भाईस क निकम्मा कवसे त्यो महासभा मा दण्ड क योग्य होयछे; आरू जो काही कये ‘अरे मुर्ख’ त्यो नरक क आगठो क दण्ड क योग्य होयछे।” 
एरकरीन यदि तु आपसी भेंट वेदी पर लाया, आरू वाँ तु स्मरण करे, कि तारा भाईस क मन मा थारा करता काही विरोध छे, 
तो आपसी भेंट त्योही वेदी क सामने छुड़ देय, आरू जाईन पेहल आपसा भाईस छे मेळभेट कर आरू तव आवीन आपसी भेंट चढ़ायो। 
जव तक तु आपने मुद्दई साथे मार्ग ही मा छे, उना छे छाटलो हावव मिलाप कर लेय काही ओसो नी होय कि मुद्दई तुखे सरदार क सौप्य, आरू सरदार तुखे सिपाई क सौप देय, आरू तु जेल मा नाख दिदो जाय। 
हाव तुखे छे छाचो कयता छे कि तव तक तु कौड़ी–कौड़ी भर नी देय तक वाँ छे छूटने नी देखसे। 
“तुमू सोमवी चुक्या होय कि कयो गया हुता, ‘व्यभिचार नी करने।’ 
पुन हाव तुमू छे यो कयता छे, कि जो काय काही बायर पर गलत नाखे त्यो आपने मन मा उना छे व्यभिचार कर त्योक्य।” 
यदि तारी डाखरिया डुळा तुखे ठुकर खावड़ायो, तो ओको निकावीन नाख दिदा; काहकि थारा करता योही भला छे कि थारा डील मा छे एक नष्ट होय जाय आरू तारो सब डील नरक मा नी नाखी जाय। 
यदि तारो डाखरिया हात तुखे ठुकर खावड़ायो, तो उना क काटीन नाख देय; काहकि थारा करता योही भला छे कि थारा डील मा छे एक नष्ट होय जाय आरू तारो डील नरक मा नी नाखी जाय। 
“यो भी कयो गया हुता, ‘जो काही आपसी बायर क तलाक देनो जुवे, तो उको छुड़ने न पत्री देय।’ 
पुन हाव तुमू छे यो कयता छे कि जो काही आपसी बायर क व्यभिचार क सिवा काही आरू कारण छे तलाक देय, तो त्यो ओका सी व्यभिचार करे छे; आरू जो काही उनी त्यागी होयी छे वियाव करे, त्यो व्यभिचार करता छे।” 
“पछु तुमू सोमवी त्योक्या होय कि पूर्वकाव क मानसे छे कयो गया, ‘झूठी शपथ नी खाने, पुन पोरबु क करता आपसी शपथ क पूरी करने।’” 
पुन हाव तुमू छे यो कयता छे कि कदी शपथ नी खाने; नी तो सोरग की, काहकि त्यो यहोवा–भगवान क सिंहासन छे; 
नी धरती की, काहकि त्यो ओको पाय की चौकी छे; नी यरूशलेम की, काहकि त्यो राजा क नगर छे। 
“आपनो मुनका की भी शपथ नी खाने काहकि तु एक झोटा क भी नी उजला, नी कावा कर सकता छे। 
पुन तुमरी वात ‘हव’ ते ‘हव’ या ‘नी’ ते ‘नी’ की होय; काहकि जो काही इनीये छे सवटो होतो छे त्यो बुराई छे होतो छे।” 
“तुमू सोमवी त्योक्या होय कि कयो गया हुता; डुवा क बदले डुवा, आरू दात।” 
पुन हाव तुमू यो कयता छे कि बुरे क सामना नी करने; पुन जो काही थारा डाखरिया गाल पर थापुड मारे, ओकी आरू दिसरा भी फेर देय। 
यदि काही तुखे पर नालिश करीन तारो सुटर लेनो जुवे, तो ओको दोहर भी लेय लेने देय। 
जो काही तुखे कोस भर अमथो मा लेय जाय, तो ओका साथ दुय कोस चाली जाय। 
जो काही तुखे छे उधार लेने जुवे, उका सी मुय मा फिरावो। 
“तुमू सोमवी चुक्या होय कि काँ गया हुता, आपने धडेवावा छे मोंग राखने, आरू आपने दुस्मनी छे दुस्मनी।” 
“पुन हाव तुमरे सी यो कहम कि आपसा दुस्मन सी मोंग राख आरू तुमरा सतावनेवाला क करता प्रार्थना करू।” 
जिना सी तुमू तुमरा सोरग मा वाला बास क पोर्‍या बनसो काहकि त्यो वारला आरू बुरा दूय पर हेको दाड़ो उगाड़ आरू न्यायी आरू अन्यायी दूयो पर मेह बरसावे। 
काहकि कदाम तुमू तुमरे सी मोंग करने वाला सीत मोंग राखे, तो तुमरे करता काय नफु हुयसे? काय फाळो लेनेवाळा भी असा नी करे? 
आरू कदाम तुमू तुमरा भाईस क अतरात नमस्कार करो, तो काहलो मोटलो काम करो? काय गैरयहुदी भी असा नी करे? 
अतरानकरीन करीन तुमूक यो करनो जुवे कि तुमू जोसा बनो, जसो तुमरो सोरग मा वालो बास पाको छे। 
