﻿लैव्यव्यवस्था.
12.
पछु योहोवा भगवान मूसा सी कयो, 
“इस्राएलिया सी कोया: जी बायर पेट सी होईन पोर्‍याक जन्म देती छे ते ची सात दाहड़े तक अशुद्ध रवसे; जोसो ची ऋतुमती होईन अशुद्ध रया करती। 
आरू आठवे दाहड़े पोर्‍या क चामड़ी काटी चुखो करे। 
पछी ची बायर आपना शुद्ध करनेवाळा रूधिर मा तैतीस दाहड़ा रवे; आरू जव तक उकाह शुद्ध होयनेन दाहड़ा पुरा नी होय तव तक ची नीते काहनी चुखली चीजक हाथ लागाड़े, आरू नी चुखली जागा मा जाया करे। 
आरू कदाम हेकी पोराय पयदा होई, ते उकाह ऋतुमती क सी अशुद्ध चोवदे दाहड़ान लागी; आरू पछा छियासठ दाहड़ा तक आपना शुद्ध करनेवाळा रूधिर मा रया। 
“जव हेकी शुद्ध होय जानेन दाहड़ा पूरा होय, तव चाहे हेकी पोर्‍यो होय या पोराय, चो होमबलि करता एक साल क गाडरा क बच्चो, आरू पापबलि क करता कबूतरी क एक पिल्लो, या पण्डुकी मिलापवाळा तम्बू क झोपला पर याजक क जु लाया। 
तव याजक उकाह योहोवा क सामने भेंट चढ़ावीन उकान करता पश्चाताप करे; आरू चा आपना रूधिर क वहयनेन अशुद्धता सी छुड़ीन शुद्ध ठरसे। जीन बायरन पोर्‍यो या पोराय पयदा होय उकान करता यी व्यवस्था छे। 
आरू कदाम उकान जु गाडरो या बुकड़ी आपनेन पुंजी नी होय, ते आप पण्डुकी या कबूतरी क दुय पिल्ला, एक ते होमबलि आरू दिसरा पापबलि क करता आप; आरू याजक उकान करता पश्चाताप करे, तव ची शुद्ध ठरसे।” 
