﻿निरगमन.
23.
झुटी वात झुण फैलावे। अन्यायी गवा बनीन पापी मनुस को सात झुण देय। 
बुराय करने करीन गण सवटा पछल झुण जाय; आरु नी ते हेनका पछोळ फिरीन नियाव बिगाड़ने करीन गवाय देय; 
आरु गरीबन नियवा मा उना तरफ बी झुण हये। 
कदाम थारा वेरीन बयलीयो या गदड़ो खुवाय जाय आरु त्यो तुको भेटाये, ती उको उना पास मा छाचो पछो ली आवजी। 
जव उमा मनुस को गदड़ा क भार तळे दबायलो देखे, तव उना मनुस सी कुहराय क विसरीन उना गदड़ा को उठाड़नेम मदत कोर आरु गदड़ा को भार सी छुड़ाव। 
तारा लोगहन मा सी जो गरीब हय, उका पंचु मा उका नियाव को झुण बीगाड़े। 
झुटा नियाव सी दुर रयजी, आरु देरो गुणो नी हय आरु धरमी जन को कुड़ो हईन नुक्शान झुण करे, काहकी हांव दुष्ट को विन गुनाको नी बनावो, 
पयस्या झुण लेये काहकी पयस्या मनुस को छाचाय सी आंधवो कर देये आरु वीन गुनाकान नियाव को बिगाड़ देय। 
बाहर देश वाळा काजे दोमता झुण; तुमु ते बाहर देश वाळान मन को जानो, काहकी तुमु बी मिसर मा अनजानिया हुता। 
छव साल ते थारी जागा पर वेरजी आरु ओको ओनाज एख्टो करजी; 
पुण सातवा साल मा उको पड़वीति रयने देजी आरु तसोत् छुड़ देजी। ती तारा भाय बोन्या माईन गरीब लोगहन ओको खाय ओते, आरु जो काहिन उनासी वि वाचे त्यो जोंगली ढुरोक खानेम काम आवे। आपसी अंगुर आरु जैतुनन वाड़ी सी वी ओसाज कोरजु 
छव दाहड़ा तक थारो काम काज करजी, आरु सातवे दाहड़े आराम करजी काहकी थारा बयलीयो आरु गदड़ा आराम करे आरु थारी पावेरनीयान पोर्या आरु बाहर देश वाळा बी आपसा जीव को शेळो करे। 
जो काय हांव तुमरे सी कयो उना मा चोकचोळीया रयजु; आरु दिसरा देवतान नावन वात विचार मत करज, पुन त्या तुमरा मुय सी बी नी समळायनो चाहे। 
सालो डीट तीन वार म्हारे जुगे तीहवार वाळजु। 
अखमीरी रोटान तीहवार वाळजु; उनामा म्हारा हुकुमन अनसारे अबीब मोहना न टाकली टेम पर सात दाहड़ा तक अखमीरी रोटा खाया करजो, काहकी उना मोहना मा तुमु मिसर देश सी निकळीन आवला हुता। कुय वी मनुस म्हार दोरसोन क लिय ठाहरला हात झुन आवता। 
जव थारा वेरला खेतोन पेहली फसल उगीन तीयार हुय जाय, तव काटनीन तीहवार वाळजी। सालोन आखरी मा जव तु आरामन फोव भेळा करीन ढिक वाळलेय तव भेळा करनेन तीहवार वाळजी। 
सालो डीट तीनु वार थारा सब ओदेमड़ा योहोवा भगवान को अगळ होजुय हये। 
मारा चढ़ावला ढुरन लुहुय खमीरी रोटान साथ मा नी खानो, आरु नी म्हारा तीहवारन वारला चढ़ावा माईन काहय बी संदारे तक झुण रयने देता। 
थार खेतोन पेहली फसलन पेहलो वाटो योहोवा भगवान न भवन मा लावजी। गाडरा आरु बकड़ान पीला ओकी माय न दुत मा चुड़ेवता झुण। 
“समळ, हांव एक दुत थारे ओगळ ओगळ मोकलो जो वाटिये थारी राखवाळी करसे, आरु जिना जागा को हांव तियार करलो छे उना मा तुक पुगाड़से। 
उना ओगळ जाळवायतो रयजी, आरु ओकी समळजी, ओको विरुद झुण करे, काहकी त्यो तुमरा पापोन को माफ नी करे; अतरान करीन कि उका मा म्हारो नाव रये। 
कदाम तु छाचो ओकी समळे आरु जो काय हांव कयो त्यो तु करे, ती हांव थारा वेरीन को वेरी आरु थारा दुश्मनोन दुश्मन बनीस। 
इनी रीति सी म्हारो दुत थारे ओगळ ओगळ चालीन तुको एमोरी, हित्ती, परिज्जी, कनानी, हिब्बी, आरु यबुसी लोगहन को या पुगाड़ीस, आरु हांव हेनको नाश करी दीस। 
हेनका देवता न को झुण वान्दे, आरु नी ते हेनकी भक्ति करे, आरु नी ते हेनका सारका काम करजी, पुण हेनी मुरतियान को आखो पुरो नाश कर देजी, आरु उन लोगहनन पुजान खंबा को टुकड़ा टुकड़ा कर देजो। 
तु थारा योहोवा भगवानन विनता करजी, तव त्यो थारा ओन जल पर सय बरकत आपसे, आरु थारे वीच मा रईन बिमारी पीड़ा दुर करसे। 
थारा देश मा नी ते कोय को पुरीयो खोखळाये आरु नी ते कोय वांजाय रयसे; आरु थारी उमर हांव पुरी करीस। 
जतरा लोगहन को वीच मा तु जाईस हेनो सबन मन मा हांव म्हारी बीक पेहल सी असो भर दीस कि हेनको घबराड़ दीस, आरु हांव तुको आखा वेरीन वासो देखाड़ीस। 
आरु हांव थार सी पेहल गेन्डरान मोखड़ा को मोकलीस जो हिब्बी, कनानी, आरु हित्ती लोगहन को थारे सामने सी ढसाड़ीन दुर कर देसे। 
हांव उन लोगहन को थार ओगळ सी एकात् साल मा नी निकाळो, असो नी हये कि देश उजड़ी जाय, आरु जंगली जोनवारीया वदीन तुको पीड़ा आपे। 
जव तारी गिनाय वोदीन देश को थारा हको मा नी कर लेय तव तक हांव हेनको थार ओगळ सी थोड़ा थोड़ा करीन निकाळतो रयीस। 
हांव रातला दरिया सी लगाड़ीन पलिश्तियान दरिया तक वाळा देश आरु जंगल सी लगाड़ीन फरात महानद तक क देश को थारा हको तळे कर दीस; हांव उना देशन रयनेवाळान को बी थारा हको तळे कर दीस, आरु हेनको आपने ओगळ रईन खरो निकाळ दीस। 
तु हेन लोगहन सी काय वात झुण वायदु कोरे आरु नी ते हेनका देवता सी। 
त्या थारा देश मा नी रयनो जुळे, असो नी हयनो जुळे कि त्या थार सी म्हार विरुद मा पाप करावे; काहकी कदाम तु हेनका देवतान विनता करीस, ती यो थार वाटे जाळ बन जासे।” 
