﻿पतरसेन पेहली चिट्‌ठी.
1.
पतरस भीणी सी जु ईसु मसीन नेवताळु छे, हीनु परदेसेन नाव, जे पुन्‌तुस गलातीया, कप्‌पुदुक्‌या, आसीया, ने बीतुनीया, मां आखे रावण्‌या-तीवण्‌या रवे, 
ने भगवान बासेन आवणे वाळी वातेन अकलेन अनसारे, आत्‌मान चुखला करनेन साहरे हुकुम मान्‌ने ने ईसु मसीन लुही छीटणे करीन नेवाड़्‌लु छे। तुहुंक गीण-दया ने सुक-सांती बेसकी जड़ती रवे। 
हामरा मालीक ईसु मसीन भगवान ने बासेन बड़ाय हवे, जु ईसु मसी मरलाम सी जीवतु हवणे सी आपसान मटी दया सी हामुक जीवतेली आस वाटे नवली जीवाय आप्‌यु। 
मतलब कदी खत्‌तम नी हवणे वाळी ने; ने जलम रहणेन भाग वाटे जी तुंद्‌रे वाटे सरगे मां मेकली छे। 
ज्‌य तारे वाटे छे ज्‌य भुरसान साहरे भगवानेन ताकत सी हीना छुटकारा वाटे समाळीन मेकी जाय, ज्‌य आकरी टेम मां देखायणे वाटे तीयार छे। 
हेरे वजे सी तुहुं खुसी हवु, मानु जरुड़ी छे की हय काय दाहड़ा लग काय तरान दुख झेलनु पड़ र्‌यो; 
ने जी हेरेसी छे की तुंद्‌रु पारख हवलु भुरसु, जे आकठा सी तय हवलो खत्‌तम हवण्‌या सना सी बी काही अदुस बेसको जरुड़ी छे, ईसु मसी देखता हवणे पर बड़ाय ने सेक-सींगार ने ईज्‌जतेन वजे बणे। 
तुहुं ईसु काजे कदी नी देख्‌या, तेबी तुहुं हेरसी परम राखु। तुहुं हय बी हीनाक नी देखु तेबी हेरे पर भुरसु करु। ने भुरसु करीन असा खुसी हवु ने मुरखायु ज्‌य बीयान सी बाहार ने सेक-सींगार सी भरला छे; 
ने आपणा भुरसान दाहड़ीन फळ मतलब आत्‌मान छुटकारु जड़े। 
हीना छुटकारान बारामां हीनु भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखान्‌यु कवण्‌या बेसका हेरी भाळने ने पारख कर्‌या जे हीना गीण-दयान बारामां जे तुंद्‌रे पर हवणु हतलो भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखान्‌यु करली हतली। 
चे ईनी वात काजे हेर्‌या की मसीन आत्‌मा जो हींद्‌रे मां हतली ने पेहल सी मसीन दुखेन ने हेरे पछेन हवणेवाळी सेक-सींगारेन गवाय आपली हतली चु कुण छे ने कसली घड़ी भीणी ईसारु करतेलु। 
हींद्‌रे पर ज्‌य देखाड़ी गीला छे की चे आपणी नी बाकुन तुंद्‌री चाकरी वाटे ची वात कह्‌या करतेला, तींद्‌रो खबर हय तुहुं हींद्‌रे साहरे जड़लो जीनुक चुखली-आत्‌मान साहरे, जे सरग सी मकल्‌या गीला तुहुं खुस-खबर सामळ्‌या; ने ईनी वात काजे सरग वाळा काहवाळ्‌या बी धी‌यान सी देखणेन लालच राखतेला। 
हेरेसी तुहुं आपणे मनेन ताकत काजे काम करने वाटे तीयार करे ने खुद समळीन रय्‌न तीनी गीण-दया पर पुरी आसा मेकु, जी ईसु मसीन उजेंतो हवणेन टेमे तुहुंक जड़ने वाळो छे। 
हुकुम मान्‌या पुर्‌यान तसा आपणी डेड़ अकलेन जुन्‌डली भुंडली लालुच करने वाळान तसा मां बणु। 
बाकुन जसा तुंद्‌रो बुलावणे वाळु चुखलु छे, असात तुहुं बी आपणा आखा चाल-चलन मां चुखला बणु। 
काहाकी लिखलो छे, चुखला बणु। काहाकी मे चुखलु छे। 
ने जत्‌यार की तुहुं ए बास कवीन हीनाक दुवा करो, जे काट छाट पाखुर आखा एक कामेन अनसारे नीयाव करे, ती आपणे परदेसी हवणेन घड़ी धाक सी बीतावु। 
काहाकी तुहुं जाणु की तुंद्‌रा पापी चाल-चालन जो बास डुकरान टेम सी फालतु चाल छे, हेरसी तुंद्‌रु छुटकारु चांदी-सना मतलब खत्‌तम हवणे वाळी चीजेन साहरे नी हयो; 
बाकुन ईसु मसीन चुखला ने नी-गुनाळु लुहीन साहरे तुहुंक छुड़ायु। चु ईसु मसी तीना चुखला गाडरान तसु छे तीना गाडरा काजे पुजारा मंदीरेम पापेन माफी वाटे मारीन चहड़ावतेला। 
कळी घड़ायणेन पेहलुत भगवानेन साहरे नेवाड़ी गुयलु, बाकुन हय तुंद्‌रे वाटे आकरी दाहड़ा मां, उजेंतु करलु छे। 
हेरे साहरे तुहुं हीना भगवान पर भुरसु करजे जु हीनाक मरलाम सी जीवाड़्‌यु ने सेक-सींगार आप्‌यु की तुंद्‌रु भुरसु ने आस भगवान पर हवे। 
तुहुं भगवानेन हुकुम मानीन खुस-खबर छाचाय काजे मानी रया, ने असा करीन तुहुं आपसान जीव काजे चुखु कर र्‌या करीन, ईसु पर भुरसु करन्‌या भाय-बहणस्‌या वाटे, तुंद्‌रा मन मां चुखला परम वाटे जागु छे। हेरेसी हय तुहुं खरले मने वारु मन लागाड़ीन एक-दीसराक परम करता रवणु चाहजे। 
काहाकी तुहुंक जी नवली जीवाय जड़ली छे, ची ईतराक दाहड़ा वाटे नी हय तुहुं काजे जी नवली जीवाय खत्‌तम हवण्‌या बीजेन तसों नी हय बाकुन अमर जीवन मतलब भगवानेन जीवतेला ने जलम रवणेवाळा बुलेन साहरे हवलु छे। 
काहाकी आखी कळीन माणसे खड़ेन तसा छे, “ने तींद्‌री सुभा खड़ेन फुलेन तसी छे। खड़ चीमाय जाय, ने फुल सड़ी जाय, 
बाकुन मालीकेन बुल जलम पीड़ीडीट काठो रवसे।” ने जुत खुस-खबरेन बुल छे तुहुंक सामळ्‌या गीलो हतलो। 
