﻿ईब्‌रानी.
8.
हामु जी वात कर र्‌या ची जी छे की आपणे वाटे एक बेसकु मटु पुजारु छे, जु सरग मां आखान ताकतवाळा भगवानेन राजगादी पर भगवानेन जेवड़े आन्‌गे बठ रयु। 
ने छाचला तम्‌बुन चुखला जागान चाकर्‌यु बण गुयु, जां भगवानेन छाचली भक्‌ती हवे। ईना तम्‌बु काजे काहनु बी माणुस उबु नी कर्‌यु, बाकुन मालीक भगवानुत उबु करलु छे। 
काहनु बी डाहलु मुखी पुजारु भेट ने जनवार्‌या मारीन बादा चहड़ावणे करीन नेवाड़लु रवे। तेरेमां ईना डाहला पुजारा धड़े बी काहींग चहड़ावणे वाटे हवणु चाहजे। 
कदी चु धरती पर रवतु, ती कदी चु पुजारु नी बणतु, काहाकी जी मुसान कायदान अनसारे, ईनी धरती पर बादा चड़ावण्‌या पुजारा ते छेत। 
कदी चु एक असा भक्‌ती करनेन जागा भक्‌ती करे चो छाचलीन सरग मां हवणी पुजा-पाटेन सहलाणी छे। जत्‌यार मुसु तम्‌बु बणावणे हींडतेलु, ती तीनाक भगवान जो कय्‌न चीतायु की “देख, मे बयड़ा पर तम्‌बुन जी सहलाणी देखाड़लु छे, तेरेत अनसारे तु तम्‌बु बणावजी।” 
बाकुन जो सेवान काम ईसु काजे जड़्‌यो, चो तींद्‌रा सेवान काम सी जादा वारु छे। काहाकी चु तीना नवला कायदान मेळ करावण्‌यु, चु नवलु कायदु, जुन्‌ला कायदा सी वारु छे, ने वारु सी वारु, वायदान अनसारे बांदली छे। 
कदी पेहली जुन्‌ला कायदाम कसर नी हतली, ती दीसरी नवलु कायदान जरुवत नी पड़तो। 
बाकुन भगवान काजे जुन्‌ली बुली पाळन्‌या माणसे मां कसर देखाव पड़ी, हेरेसी चु कह्‌यु; “सामळु! भगवान मालीक जुर सी कह्‌यु, ची टेम आवसे, तीने टेमे मे ईस्‌रायेली ने यहुदी माणसे साते, एक नवली बुली करीस। 
भगवान मालीक अळी कह्‌यु, ‘जी बुली तीनी बुलीन तसी नी हय, जी बुली मे ईस्‌रायेली माणसेन आड़ा-बुड़ा साते तीने टेमे करलु, तीने टेमे मे तीनु काजे मीसरे देसो मां सी हात धरीन नीकाळीन लावलु। तेबी चे मारी बुली मां ईमानदार नी रया। हेरेसी मे आडु भाळ लेदु।’ 
अळी भगवान मालीक कह्‌यु: ‘मे जी बुली आवणेवाळा दाहड़ा मां ईस्‌रायेली माणसे साते करीस, ची जी छे की, मे मारा कायदा काजे तींद्‌रा मनो मां मेल दीस, ने मे तीनु कायदा काजे तींद्‌रा छाती मन मां लिख दीस, ने मे तींद्‌रु भगवान कहवायीस, ने चेत मारा माणसे कहवायसे।’ 
ने तत्‌यार काहनाक बी, आपसा सातेवाळा काजे, ने भाय-बहणस्‌या असो सीकाड़नु नी पड़े की, ‘तु मालीक भगवान काजे उळखी ले।’ काहाकी नानला मटा आखा मेसेक उळख्‌से। 
काहाकी मे तींद्‌रा पापेन माफी आप दीस, ने तींद्‌रा पापेक कदी हेर नी करो।” 
भगवान ईनी बुली काजे चु नवली कह्‌यु, हेरेसी जो मालुम पड़े की, पेहली बुली काजे चु जुन्‌ली ठेहराय देदु, जो जुन्‌लो हय जाय, चो जीरने बाजी जाय, चो सरने वाळो छे। हेरेसी पेहली बुली काजे सरनुत छे। 
