﻿2 कुरींथी.
7.
अळतेन ए लाटेक्‌लु भायसे जत्‌यार की जु वायदु हामुक जड़लु छे, ती आवु, हामु आपणे आप काजे डील ने आत्‌मान आखा पापे सी चुखला करे, ने भगवान काजे बीहता जाय्‌न चुखला काजे पुरो करु। 
हामुक आपणा मन मां जागा आपु; हामु ते तुंद्‌रे मायन काहालान बी हामु बयमानी नी कर्‌या ने काहालाक काजे बीगाड़्‌या, नी काहनाक काजे नी ठग्‌या 
ने तुहुं गुना वाळा ठेराड़ने वाटे ज नी कवतु काहाकी मे पेहेल सी कय देदलु छे, की तुहुं हामरे मन मां असा बसी गुया की हामु तुंद्‌रे साते मरणे जीवणे वाटे बी तीयार छे। 
मे तुंद्‌रे सी बेसकु हिम्‌मतेन साते कय र्‌यु, मेसे तुंद्‌रे पर मटुत घमट छे; मे सांती भराय गुयु; आपणा आखा दुख मां सी ने मे बेसकु कायनी खुस छे। 
काहाकी जत्‌यार हामु मकीदुनीया मां आया, तत्‌यार बी हामरा डील काजे आराम नी जड़्‌यो, बाकुन हामुक चारे मेर सी दुख जड़तेला; बाहार झगड़ा हतला, माहें बीहणे वाळी वात हतली। 
तेबी हीनु काजे सांती आपणे वाळु भगवान तीतुसेन आवणे सी हामु काजे सांती आप्‌यु। 
ने हेरे आवणे सी अतरुत नी, बाकुन हीनी सांती सी बी, जे हेरो तुंद्‌रे भीणी सी जड़ली हतली; हयु तुंद्‌री लालच सी, ने तुंद्‌रो दुख ने मारे वाटे तुंद्‌री धुन काजे खबर हामुक सामळावे, जेरे सी मेसेक अळी बी खुसी हवे। 
काहाकी कदी मे आपणी चिट्‌ठी सी तुहुंक दुखी कर्‌यु, बाकुन हेरसी पसतावु नी करतु जसों की पेहेल पसतावु हतलु काहाकी मे देखो की हीनी चिट्‌ठी सी तुहुं काजे दुख ते हयु। बाकुन च थुड़ीक वार वाटे हतलो। 
हय ने खुसी हयु बाकुन हेरेसी नी की तुहुं काजे आफोत आय बाकुन हेरेसी की तुहुं हीना आफोतेन वजे सी मन फीराया, काहाकी तुंद्‌रो आफोत भगवानेन मरजीन अनसारे हतलो, ती हामरे भीणी सी तुहुंक काहनी वात मां नुकसाण नी हवे 
काहाकी भगवान भक्‌तीन आफोत असा पसतावु पयदा करे; की जेरो सबुत छुटकारु छे। ने अळतेन हीनाक पसतावु नी हवे! बाकुन कळीन डीलेन दुख मुत काजे पयदा करे। 
अळतेन देखु, ईनी वात सी की तुहुं भगवानेन भक्‌तीन आफोत हया; तुंद्‌रे मां कतरो खुसीन, जपाप, ए रीस, बीहणु, ने लालच, ने धुन ने डंड आपणेन वीच्‌यार पयदा हवे? तुहुं आखी भाती सी ज चुखो करीन देखाड़्‌या, की तुहुं हीनी वात मां नी-गुना वाळा छे। 
जी चिट्‌ठी जु पाप कर्‌यु तेरे वाटे नी लिख्‌यु ने जु बयमानी कर्‌यु तेरे वाटे बी नी लिख्‌यु, बाकुन तुंद्‌रे वाटे एरेन करीन लिख्‌यु की तुंद्‌री खुसी जी हामरे वाटे छे, ची हवस भगवान अगळ उजेंती हय जाय। 
हेरेसी हामुक सांती जड़े। हामरी सांती साते तीतुसेन खुसीन वजे सी अळी बी खुसी हवे, काहाकी हेरा जीव तुहुं आखान वजे सी खुसी मां गद-गद हय गुया! 
काहाकी कदी मे हेरे अगळ तुंद्‌रे बारामां काय मटाय देखाड़्‌यु, ती लाजवाये नी, बाकुन जसा हामु तुंद्‌रे सी आखी वात छाचली कय देदला, असात हामरी मटाय देखाय तीतुस अगळ बी छाचली नीकळी। 
जत्‌यार हेरो तुहुं आखान हुकुम मान्‌या हवणेन हेर आवे, की कसा तुहुं बीहता जाय्‌न ने घाबरायता जाय्‌न ने भेट कर्‌या; ती हेरा परम अळी बी बड़तो जाय। 
मे खुसी मां छे, काहाकी मेसेक तुंद्‌रे भीणी सी वात मां पुरु भुरसु छे। 
