﻿2 कुरींथी.
3.
काय हामु अळी पछा आपणी मटाय करने लागजे काय? नीते हामु काजे दीसरा माणसेन तसा दुवा कर्‌या की चिट्‌ठीया तुंद्‌रे धड़े लावणु नीते तुंद्‌रे सी लेणु छे? 
हामरी चिट्‌ठी तुहुंत छे, जी हामरे मन मां लिखली छे, ने हीनी चिट्‌ठी काजे आखा माणसे उळखे ने भणे। 
ज देखाय, की तुहुं ईसु मसीन चिट्‌ठी छे, तीनाक हामु चाकर्‌यान तसा लिखजे; ने जे लिखणेन सांय सी नी, बाकुन जीवतेला भगवानेन आत्‌मा सी दगड़ान पट्‌या पर नी, बाकुन मनेन मास पट्‌या पर लिखली छे। 
हामु मसीन साहरे भगवान पर असात भुरसु राखजे। 
ज नी, की हामु आपणे आप सी ईना लायक छे, की आपणे भीणी सी काहालीक वात काजे सुची समजी सकजे; बाकुन हामरी काबील भगवान भीणी सी छे। 
चु हामु काजे नवला लिखला वायदान चाकर्‌या हवणे वाटे बी कर्‌या, बुलेन चाकर्‌या नी बाकुन आत्‌मान; काहाकी बुल मारे, बाकुन आत्‌मा जीवाड़े। 
कदी मरनेन वायदु जेरा आक्‌सर दगड़ा पर खुदी देदला, जां लग झजळन्‌या ताकत सी भरायला, मुसान मुंहडा परुन उजाळान वजे जो कम बी हवतो, जातलो ईस्‌रायेल हेरा मुंहडा पर नींगा नी कर सकतेला। 
ती आत्‌मान वायदा अळी बी झजळन्‌या ताकत सी भरायला काहानी हवे? 
काहाकी जत्‌यार गुनाळु ठेरावणे वाळु वायदु ताकत सी भरायला हतली, ती धरमी ठेरावणे वाळु वायदु ने बी झजळन्‌या ताकत सी भरायला काहा नी हवे? 
ने जे झजळन्‌या सी भरायला हतलु, चु बी हीना उजाळान वजे जे हेरेसी बड़ीन वीजाळो हतला, काय बी झजळन्‌या सी भरायला नी ठेहर्‌या। 
काहाकी जत्‌यार चु जे कम हवतो जातलो, ती हयु जु काठु रवसे, ने अळी बी झजळन्‌या काहानी रवे? 
हेरेसी असी आस राखीन हामु हिम्‌मतेन साते बुलजे। 
ने मुसान तसा नी, जेरे आपणा मुंहडा पर पड़दु नाखतेला काहाकी ईस्‌रायली हीनी कम हवणे वाळा उजाळान आकरी काजे नी देखे। 
बाकुन चे डेड़-अकल्‌या हय गुया, काहाकी आज लग जुन्‌डला कायदान नेम भणते टेम हींद्‌रे मन पर चु पड़दु पड़ी रवलु; बाकुन चु ईसु मसी मां उठी जाय। 
आज लग जत्‌यार कदी मुसान किताप भणजे, ती हींद्‌रे मन पर पड़दु पड़ी रहे। 
बाकुन जत्‌यार कदी हींद्‌रा मन मालीक भीणी सी फीरसे, तत्‌यार चु पड़दु उठी जासे। 
मालीक ते आत्‌मा छे, “जांहा मालीक” छे चां छुटकारु छे। 
बाकुन जत्‌यार हामु आत्‌मान उगाड़्‌ला सीका सी मालीकेन उजाळो एरेन तसों देखाव पड़े, जसों आरस्‌या मां, ते मालीकेन साहरे जी आत्‌मा छे, हामु तीनीत सेक-सींगार सी भरायला सीका मां थुड़ा-थुड़ा करीन बदलता जाय रया। 
