﻿1 कुरींथी.
14.
परमेन हेर करु, ने आत्‌मा मां भरायलान वाटान झींग मां रवु, खास करीन ज्‌य की भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखाड़न्‌यु देखाड़ु। 
काहाकी जे दीसरी बुली मां वात करे चु माणसे सी नी बाकुन भगवान सी वात करे; हेरेसी की हेरी वात कुय नी समजे, काहाकी चु सातायली वात आत्‌मा मां हयन बुले। 
बाकुन जे भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखाड़े, चु माणसे सी अदु हवणे ने परचार ने सांतीन वात कह्‌वे। 
जु दीसरी बुली मां वात करे, चु आपणोत अदुस बरकत हात करे; बाकुन जु भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात कह्‌वे, चु मंडळीन भलो करसे। 
मे चाहो की तुहुं आखाक दीसरी बुली मां वात करो; बाकुन हेरे सी अदुस ज चाहो की भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात कहं, काहाकी कदी दीसरी बुली बुलने वाळी मंडळी अदुस हवणे वाटे बुली बदली नी करे, ती भगवानेन आवणे वाळी वात कह्‌णे वाळाक तेरे सी बड़ीन छे। 
हेरेसी ए भायस्‌यो, कदी मे तुंद्‌रे धड़े आवीन दीसरी बुली मां वात करो, ने वीजाळो नेते अक्‌कल नेते भगवानेन आवणे वाळी वात नीते परचारेन वात तींद्‌रे सी नी कहं, ती मार सी तुहुंक काय फायदु हवसे? 
तसोत कदी तेरे मां जीव नी तीनी चीज बी तींद्‌री आवाज नीकळे, जसा पावळी नीते फेप्‌या, कदी हींद्‌रे रेंग मां नी समजाये ती जे फुके नीते आजाड़्‌या, चु कसों उळखाय जासे? 
ने कदी फेप्‌यान आवाज चुखी नी नीकळे, ती कुण लड़ाय वाटे तीयार हवसे? 
असात तुहुं बी कदी जीप सी चुखी-चुखी वात नी कहुं, ती जे काय कहें चो कसों समजायसे? तुहुं ते हवा सी वात करने वाळा ठेरावसे। 
कळी मां कतरी बी तरान बुली काहानी हवे, बाकुन हींद्‌रे मां सी कुय बी बीना मतलबेन नी हवे। 
हेरेसी कदी मे काहालीक बुलीन मतलब नी समजे, ती बुलेन वाळान नींगा मां दीसरा देसेन रवसे ने बुलेन वाळा मारी नींगा मां दीसरा देसेन ठेरसे। 
हेरेसी तुहुं बी जत्‌यार आत्‌मा मां भरायला भगवानेन वाटुेन धुन मां छे ती असा कुसीस करु की तुंद्‌रे भगवानेन वाटुेन अदु हवणे सी मंडळी अदु हवे। 
हेरे वजे सी जे दीसरी बुली बुले, चु दुवा करे की हेरा बुली बदलनेन वाटु बी जड़णु चाहजे। 
हेरेसी कदी मे दीसरी बुली मां दुवा करो, ती मारी आत्‌मा दुवा करे बाकुन मारु डीमाक काम नी देय। 
अळतेन काय करनु चाहजे? मे आत्‌मा सी बी दुवा करो, ने डीमाक सी बी दुवा करो; मे आत्‌मा सी बी गावीस, ने डीमाक सी बी गावीस। 
नी ते कदी तु आत्‌मा सी तु बेसकु वारु छे करीन कह्‌वीस, ती अळतेन डेड़-अकल्‌या तुसे तु बेसकु वारु छे कवसी ती असोत हवतो रवे करीन कसु कवसे? काहाकी चु तेबी जाणे की तु काय कह्‌वे? 
तु ते वारु रीती सी तु बेसकु वारु छे करीन कह्‌वे, बाकुन दीसरु अगु नी अदे। 
मे आपणा भगवान काजे तु बेसकु वारु छे करीन कह्‌वे, की मे तुहुं आखा सी जादास दीसरी बुली मां बुलो। 
बाकुन मंडळी मां दीसरी बुली मां दस हजार वात कह्‌वणे सी ज्‌य मेसे अळी बी वारु मालुम पड़े, की दीसरा काजे सीकाड़न्‌ने वाटे डीमाक सी पांच वात कह्‌वे। 
ए भायसे, तुहुं समज मां पुर्‌या मां बणु; कुहराय मां ते पुर्‌या रवु, बाकुन समज मां हुस्‌यार बणु। 
चुखला सास्‌तुर मां असो लिखलो छे, की मालीक कह्‌वे, “मे कुय नी जाणे असली बुली बुलने वाळान साहरे, ने दीसरान मुंहडान साहरे, ईनु माणसे सी वात करीस ती बी चे मारी नी सामळे।” 
हेरेसी दीसरी बुली ईसु पर भुरसु करन्‌या वाटे नी, बाकुन नी भुरसु करन्‌या वाटे सहलाणी छे; ने भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात ईसु पर नी भुरसु करन्‌या वाटे नी, बाकुन ईसु पर भुरसु करन्‌यान सहलाणी छे। 
अळतेन कदी मंडळी एक जागा भेळी हवे, ने आखान आखा दीसरी बुली बुले, ने छेटे वाळा नीते ईसु पर नी भुरसु करन्‌या माणसे माहें जाय ती काय चे तुहुं काजे गांडा करीन नी कह्‌वे? 
बाकुन कदी आखा भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखाड़न्‌यु कह्‌वणे लागे, ने कुय ईसु पर नी भुरसु करे नीते छेटे वाळा माणसे माहें आय जाय, ती आखा हीनाक आखा गुनाळु ठेराय देसे ने पारखी लेसे; 
ने हींद्‌रे मनेन सातायली वात देखाय जासे ने तत्‌यार चु मुंहडान भुरसे पड़ीन भगवान काजे आंधसे ने मान लेसे की छाचलीन भगवान तुंद्‌रे ईचमां छे। 
हेरेसी ए भायसे, काय करनु चाहजे। जत्‌यार तुहुं भेळा हवु, एक जणान मन मां गावता नीते परचार नीते दीसरी बुली नीते उजाळो नीते दीसरी बुलीन मतलब बताड़नु रवे। आखा काय आत्‌माम अदुस भरायला हवणु चाहजे। 
कदी दीसरी बुली मां वात करनु हय ती दुय नीते बेसका हवे ती तीन जणा वारी-वारी सी बुले, ने एक माणुस बुली बदल्‌या करे। 
बाकुन कदी बुली बदली करने वाळु नी हवे, ती दीसरी बुली बुलने वाळा मंडळी मां हुगा रवे, ने आपणा मन सी ने भगवान सी वाते करे। 
भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखान्‌या मां सी दुय नीते तीन जणा बुले, ने बचला माणसे तींद्‌रा बुल काजे पारखे। 
बाकुन कदी बसला दीसरा मायन काहनाक पर जु बठलु छे, काय भगवानेन उपर सी आपला वीजाळो हवे ती पेहलु हुगु रय जाय। 
काहाकी तुहुं आखा एक-एक करीन भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखाड़न्‌यु देखाड़ सको, काहाकी आखा सीके ने आखाक सांती जड़े। 
ने भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखान्‌यान आत्‌मा भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखान्‌यान हक मां छे। 
काहाकी भगवान खडळ-वडळ करन्‌यु नी हय, बाकुन भगवान सांतीन भगवान छे जसों चुखला माणसेन आखी मंडळी मां छे। 
बायरा काजे मंडळी मां हुगा रहणु चाहजे, काहाकी हीनुक वात करनेन हुकुम नी हय, बाकुन हक मां रवणेन हुकुम छे, जसों मुसान कायदा मां लिखलो बी छे। 
कदी चे काय सीकणे चाहाये, ती घर मां आपणा-आपणा अदमी सी पुछे, काहाकी बायरी काजे मंडळी मां वात करनु लाजुणेन वात छे। 
काय भगवानेन बुल तुंद्‌रे मां सी नीकळ्‌यो काय? नीते सीरप तुंद्‌रेत लग पुगलो छे? 
कदी कुय माणुस आपणे आप काजे भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखाड़न्‌यु नीते आत्‌मा भरायला जणु समजे, ती जाण लेय की जी वात मे तुहुंक लिखो, चो मालीकेन हुकुम छे। 
बाकुन कदी कुय जी वात नी माने, ती हीनाक बी नी माने। 
अळतेन ए भायसे, भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखान्‌यान धुन मां रवु ने दीसरी बुली सी नी करीन मां कह्‌वु; 
बाकुन जो आखो काम वारु ने सय सी करनु चाहजे। 
