﻿1 कुरींथी.
2.
ए भायसे-भणस्‌या, जत्‌यार मे भगवानेन सातायली वात सामळीन तुंद्‌रे धड़े आयु, ती बुल नीते अकलेन मट्‌ली वात साते नी आयु। 
काहाकी मे ज्‌य नक्‌खी कर लेदलु छे की तुंद्‌रे ईचमां ईसु मसी ने कुरुस पर चड़ाय गुयला मसी काजे छुड़ीन काहाली बी वात काजे नी जाणो। 
मे लुलु ने बीही जाय्‌न, ने बेसकु कापतु जाय्‌न तुंद्‌रे साते रयु; 
ने मारो बुल ने मारो परचार मे अकलेन पटावणे वाळी वात नी, बाकुन आत्‌मान ने ताकुतेन सबुत हतलु, 
हेरेसी की तुंद्‌रु भुरसु माणसेन अक्‌कल पर नी, बाकुन भगवानेन ताकत पर आसरु रवणु चाहजे। 
ती बी चुखला पाक्‌का माणसे मां हामु अकलेन वात सामळावजे, बाकुन हीनी कळीन ने हीनी कळीन खत्‌तम हवणे वाळा हकदारीन अक्‌कल काजे नी; 
बाकुन हामु भगवानेन चु सातायलु अकल, काजे जे हाल लग उजेंती नी हवी तीनी अक्‌कल काजे उजेंती करजे तीनाक भगवान कळी बणावणे सी पेहलुत हामरा सेक-सींगार वाटे ठेरावलु। 
तेरेसी हीनी कळीन हकदार्‌या मां सी कुय बी नी जाण्‌यो, काहाकी कदी चे जाणता बी ती बेसकु उजाळा मालीक काजे कुरुस पर नी चड़ावता। 
बाकुन जसों लिखलो छे, “जी वात डुळा नी देख्‌या ने कान्‌टा नी सामळ्‌या, ने जी वात माणसेन मन मां नी चड़ी, चीत छे जु भगवान आपणा परम राखणेवाळा वाटे तीयार छे।” 
बाकुन भगवान हीनुक आपणी आत्‌मान साहरे हामरे पर उजेंतु कर्‌यु, काहाकी आत्‌मा आखी वातो मां, बाकुन भगवानेन सातायली वात बी पारखे। 
माणसे मां सी कुण काहाली माणसेन वात जाणे, सीरप माणसेन आत्‌मा जी हींद्‌रे मां छे; असुत भगवानेन वात बी कुय नी जाणे, सीरप भगवानेन आत्‌मा जाणे। 
बाकुन हामु कळीन आत्‌मा नी, बाकुन ची आत्‌मा जड़ली छे जी भगवान भीणी सी छे की हामु हीनुत वात काजे जाणजे ज्‌य भगवान हामु काजे आपलु छे। 
जीनु काजे हामु माणसेन अकलेन सीकाड़ली वातो मां नी, बाकुन आत्‌मान सीकाड़ली वातो मां, आत्‌मा मां भरायला वातो सी भेळा करी करीन समजाड़े। 
बाकुन डीलेन माणुस भगवानेन आत्‌मान वात काजे हुकारु नी भरे काहाकी चे हेरे देखणे मां डेड़-अकल्‌या वात छे, ने नी चु हीनुक जाण सके काहाकी हींद्‌री पारख आत्‌मा मां भरायला रीत सी हवे। 
आत्‌मा मां भरायला माणुस आखो काय पारखे, बाकुन आपसा काजे कुय बी नी पारख सके। 
“काहाकी मालीकेन “मन मां कुण जाण्‌यो? की हीनाक सीकाड़े?” बाकुन हामरे मां मसीन मन छे। 
