﻿रोमी.
14.
जु भुरसा मां लुलु छे, तीना काजे सात संगात मां ली लेवु, बाकुन संक्‌यान वात पर कीच-कीच घुण करु। 
काहाकी एक भुरसु करे, की आखो काय खाणु चाहजे बाकुन जु भुरसा मां लुलु छे चु सब्‌जी-भाजी अतरुत खाय। 
खाणे वाळु नी खाणे वाळा काजे भुंडुत नी समजणु चाहजे, ने नी खाणे वाळु खाणे वाळा पर गुनु नी लागाड़नु चाहजे; काहाकी भगवान तीना काजे आवरी लेदलु छे। 
तु कुण छे दीसरा पावर्‌या पर गुनु लागाड़े? तेरा भुरसा मां टेकलु रहणु टेकलु नी रहणु तेरो मालीक साते काम छे; ने मालीक तीना काजे भुरसा मां पाक्‌कु कर देसे, काहाकी मालीक तीना काजे भुरसा मां टेकलु राख्‌से। 
काहनुक ते एक दाहड़ा काजे दीसरा दाहड़ा सी जादा वारु समजे, ने काहनुक ते आखा दाहड़ा काजे एक सारकु समजे। आखा आपसान मन मां ठान लेवु की काहनी वात ताले छे। 
चु काहना दाहड़ा काजे वारु माने, चु मालीक वाटे माने। जु खाय, चु बी मालीक वाटे खाय, काहाकी चु भगवान काजे तु बेसकु वारु छे करीन कहें, जु नी खाय, चु मालीक वाटे नी खाय, ने भगवान काजे तु बेसकु वारु छे कहें। 
काहाकी आपणे मां सी नीते कुय आपसान वाटे जीवे ने नी कुय आपसान वाटे मरे। 
कदी आपणु जीवतेला रवजे, ती मालीकेन वाटे जीवता रवजे; ने कदी आपणु मर जाजे, ती मालीकेन वाटे मर जाजे; हेरेसी भले आपणु जीवता रवजे नीते मर जाजे, आपणु मालीकेन वाटे छे। 
काहाकी मसी हेरेसी मर्‌यु ने मरला मां सी जीवतु हय्‌न बठु हय गुयु की चु मरला ने जीवतेला दुय जणान मालीक छे। 
तु आपणा भायस पर गुनु काहा लागाड़े? नीते तु आपणा भायस काजे छीट काहा राखे? आपणु आखा ने आखा काजे भगवानेन नीयावेन अगळ उबा रवणु पड़से। 
काहाकी लिखलो छे, “मालीक कहें, मारी जीवणेन आण आखा, माणसे मारे अगळ मांडा टेकसे, ने आखा माणसे भगवान काजे हुकार लेसे।” 
हेरेसी आपणु आपणे मां सी आखा ने आखा भगवान काजे आपणु लेखु देणु पड़से। 
हेरेसी हय सी हेरे पर गुनु मां लागाड़ु, बाकुन तुहुं ज ठाणी लेवु की कुय आपणा भायस अगळ अड़चन पयदा करीन ठुकर खाणेन वजे घुण बणु। 
मे जाणो की मालीक ईसु मसीन साहरे पाक्‌की वात मालम हय गुयली छे की काहानी बी चीज वीटळ्‌ली नी हय, बाकुन जे कुय तीनी चीज काजे वीटळ्‌ली समजे तेरे वाटे ची चीज वीटळ्‌ली छे। 
कदी तारु भायस खाणान वजे सी नीरास हवे, ती तु परम सी नी चाल र्‌यु; तेरे वाटे ईसु मसी मर गुयलु छे, तीना काजे तु खाणान वजे सी सारे मां। 
हेरेसी तारी भलाय वाटे कुय बी तारु वाक नी नीकाळनु चाहजे। 
काहाकी भगवानेन राज खाणे पीणेन नी हय, बाकुन धरमेन साहरे ने सांती ने ची खुसी छे ज्‌य चुखली-आत्‌मा सी हवे। 
ने जु कुय ईनी रीत सी जीवे चु ईसु मसीन चाकरी करे ने असु करे, ती भगवान काजे गमे ने माणसे मां बी तेरु अबरु रय जाय। 
हेरेसी आपणु हीनी वातेन हेर करनु चाहजे तेरसी सांती मां रवजे ने एक दीसरा काजे सुदार हवणु चाहजे। 
खाणा सी भगवानेन काम मां बीगाड़े। आखो काय चुखो ते छे, बाकुन ज तीना माणसे वाटे भुंडो छे। ज खाणो दीसरा भायस काजे ठुकर खावाड़े। 
भलो ते ईनी वात मां छे की सीकार घुण खाय ने अंगुरेन रस बी घुण पीये, ने काहनो बी असो काम घुण करे तीनी वात सी तारु भायस ठुकर खाय। 
ईनी चीजेन बारामां जु बी तारु भुरसु छे, तीना भुरसा काजे भगवानेन ने तारे ईचमां रवणी दे। बेसकु वारु छे चु जु ईनी वात मां, आपसा काजे तालेत समजे, ने आपसा काजे गुनाळु नी ठेहरावे। 
बाकुन जु कुय संका करीन खाय चु आपसात पर डंड लावे, काहाकी चु पाक्‌का भुरसा भेळु नी खाय; ने जु कुय पाक्‌का भुरसा भेळु नी खाय, चु पाप करे। 
