﻿मत्‌‌ती.
12.
आरामेन दाहड़े ईसु ने हेरा चेला गहुंन खेते मायन जाणे बाजी रवला, ने तेरा चेला काजे भुक लागी तत्‌यार चे गहुंन उम्‌बी तुड़ीन चुळी-चुळीन खाणे बाजी गुया। 
फरीसी माणसे ज्‌य देखीन ईसुक कह्‌या, “देख, तारा चेला ज काम कर रया, चो नीयम कायदा मां लिखलो छे, की आरामेन दाहड़े करनु वारु नी हय।” 
ईसु तीनुक कह्‌यु, “काय तुहुं नी भण्‌या, की खरला सास्‌तुर मां लिखलो छे की दावुद राजा काजे ने, तेरा साते वाळाक भुक लागी तत्‌यार चु काय कर्‌यु? 
चु कसु भगवानेन घर मां गुयु, ने चड़ावला रुटा खादु, तीना खाणा काजे नीते खाणु नीते तेरा साते वाळा खाणु, बाकुन मंदीरेन पुजारा वाटे अतरोत खाणेन वारु हतलो? 
ज मुसान साहरे लिखला सास्‌तुर मां नी भण्‌या की मंदीरेन पुजारा आरामेन दाहड़े मंदीर मां आरामेन दाहड़ेन रीती काजे तुड़ देय ती बी चे गुनाळा नी रवे काय? 
बाकुन मे तुहुं काजे कह्‌व, की भगवानेन सेवान-काम कर रयु चु मंदीर सी बी बेसकु मटु छे। 
कदी तुहुं सास्‌तुर मां लिखली वात समजी जाता की, मे दया सी खुस हवो, बाकुन जनवार्‌यान बादा नी चाहजे, ती तुहुं नी-गुनाळा काजे गुनाळु नी ठेह्‌रावता। 
माणसेन पुर्‌यु आरामेन दाहड़ान मालीक छे।” 
चां सी चालीन ईसु तींद्‌रा भक्‌तीन घर मां गुयु। 
चां एक माणुस हतलु, तेरु हात पांगळु हतलु चे ईसु पर गुनु लागाड़ने करीन तीनाक असा पुछ्‌या की, “काय आरामेन दाहड़े वारु करनु वारु छे?” 
ईसु तीनु काजे कह्‌यु, “तुंद्‌रे मां असो कुण छे, तेरो एकुत गाडरो छे, ने तेरो गाडरो आरामेन दाहड़े गड्‌डा मां हीटी पड़े, ती चु तीना काजे धरीन बाहार नी नीकाळे काय? 
माणुस ते गाडरा सी बेसको महंगो छे! तेरेमां आरामेन दाहड़े भलो करनु कायदान अनसारे वारु छे।” 
तत्‌यार ईसु तीना माणुस सी कह्‌यु, “तारु हात लांबु कर।” ने चु लांबु कर्‌यु, ने तेरु हात दीसरा हातेन तसु वारु हय गुयु। 
तत्‌यार फरीसी माणसे बाहर जाय्‌न ईसुन वीरुद मां असा वीच्‌यार कर्‌या, की हामु ईसुक कसा करीन मारजे। 
ज्‌य जाणीन ईसु चां सी जाती रयु। ने बेसका माणसे तेरे पछळ पड़्‌या। ने ईसु आखा काजे वारु करतेलु। 
बाकुन चु असु कय्‌न तीनुक चेतायु, “तुहुं दीसरा माणसे अगळ मारी बड़ाय करीन मेसेक उजेंतु घुण करजु। 
काहाकी भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात बताड़न्‌या यसायान बुल पुरो करने करीन चु असु करतेलु; जसों लिखलो छे: 
“देखु, ज्‌य मारु पावर्‌यु छे, हीनाक मे नेवाड़्‌लु छे, जु मारु लाटेक्‌लु पुर्‌यु छे, हेरेसी मारो मन खुस छे। मे मारी आत्‌मा हेर पर दीस, ने चु नी-यहुदी माणसे काजे नीयावेन खबर आपसे। 
चु काहना साते लड़ाय नी करे, नी आयड़े, नी कुय हाटे मां तेरी अवाज सामळसे। 
चु कुचळायला बुरे काजे नी तुड़े, ने कुळु आपतेला बामळा काजे नी उलवायणे देय, जत्‌यार लग चु नीयाव काजे आपते लग काम करसे।” 
तत्‌यार चे आखा नी-यहुदी माणसे, मारा चेलान आस बण जासे। 
तत्‌यार माणसे काहनेक दाहड़े आंदळा माणसेक ईसुन्‌चां लाया चु गुंगु बी हतलु, ने तीना माणसेम भुतड़ान आत्‌मा चस्‌टी रवली, ईसु तीना काजे वारु कर्‌यु, ने चु बुलने ने देखणे बाजी गुयु। 
तेरेमां आखा माणसे असा कदी नी देख्‌या करीन ईसुन बारामां कहणे बाजी गुया, “हयु दावुदेन अवल्‌यात हसे?” 
बाकुन फरीसी माणसे असा सामळीन कह्‌या, “ज ते भुतड़ान मुखी बालजबुलेन जुर सी माणसेम डीलेम सी भुतड़ा छेटे करे।” 
ईसु तींद्‌रा मनेन वीच्‌यार जाणीन तीनुक कह्‌यु, “तीना काहना राज मां बेरजु पड़ जाय, च उजड़ी जाय, अळी काहनाक सहर नीते घरन्‌या तेरेमां बेरजु पड़ जाय, ती चे उजड़ी जासे।” 
ने कदी भुतड़ु माणसेन डीलेम सी भुतड़ा काजे नीकाळे, ती हयु आपसान वीरुद करने बाजी जाय, ती हेरो राज कसों बणीन रवसे? 
कदी मे भुतड़ान मुखीन मदत सी भुतड़ान आत्‌मा काजे नीकाळो ती तुंद्‌रा चेला कुणीन मदत सी भुतड़ा नीकाळे? तेरेमां चेत तुंद्‌रु हीसाब लीन तुंद्‌रु नीयाव करसे। 
बाकुन कदी मे भगवानेन आत्‌मान मदत सी भुतड़ान आत्‌मा काजे नीकाळो, ती भगवानेन राज तुंद्‌रे ईचमां आय गुयलो छे। 
नीते कसों कुय माणुस काहनाक ताकतवाळान घर मां भरायन तेरो धन हापकी सके चां लग की चु तीना ताकतवाळा काजे बांदी नी लेय? ती चु तेरा घरेन माल धन काजे हापकीन ली जाय सके। 
जे मारे पुठ्‌ये नी हय चे मारे वीरुद मां छे, अळी जु मारे साते भेळो नी करे चु तीनुक खळवणेन काम कर रयु। 
तेरेमां मे तुहुं काजे कह्‌वो, की माणसेन आखी भातीन पाप अळी खुड़ नीकाळनु माफ हय जासे, बाकुन चुखली-आत्‌मान वाक नीकाळसे तीनुक माफी नी जड़से। 
जु कुय बी माणसेन पुर्‌यान वीरुद मां काय कह्‌वसे, तीनाक माफी जड़ जासे, बाकुन जु कुय बी चुखली-आत्‌मान वीरुद मां काय बी कह्‌वसे, तेरु पाप नी ते हीनी कळी ने अळी आवणे वाळी कळी मां बी माफी हवसे। 
“कदी झाड़का काजे वारलु कह्‌वु, ती तेरा फळ काजे बी वारलु कह्‌वु, नीते झाड़का काजे भुंडोत कह्‌वु, ती तेरा फळ काजे बी भुंडोत कह्‌वु, काहाकी झाड़कान उळखान तेरा फळ सी हवे। 
ए, घड़सान पीला, तुहुं भुंडात हयन कसा वारलु वात कय सकु? काहाकी जो मन मां भरायलु छे, चत तुंद्‌रा मुंहडाम सी बाहार आवे। 
भलास्‌या माणुस आपणा वारलु कुठा मां सी वारु चीज नीकाळे, ने भुंडात माणुस भुंडा कुठा मां सी भुंडीत चीज नीकाळे। 
“अतरामा मे तुहुं काजे कहं, नीयावेन दाहड़े चे एक-एक फालतु वातेन लेखु आपणु पड़से। 
काहाकी तु तुंद्‌री वातेन वजे सी नी-गुनाळु, गीणायसु नीते गुनाळा गीणायसु।” 
तीनी थुड़ाक यहुदी नीयमेन मास्‌तर्‌या ने फरीसी माणसे ईसुक पारखणे करीन असा कह्‌या, “ए मास्‌तर, हामुक वारलु कामेन सहलाणी देखाड़।” 
“ईसु तीनुक जपाप आप्‌यु हीनी पीड़ीन कुहर्‌या ने छीनाळ्‌या माणसे एक सहलाणी देखणे हींडे!” बाकुन भगवानेन अघी सी आवणे वाळी वात देखान्‌या योनान सहलाणी अतरीत देखणे जड़से। 
जसु योना तीन रात ने तीन दाहड़ा माछान पेट मां रवलु तसुत माणसेन पुर्‌यु बी तीन दाहड़ा ने तीन रात धरतीम माहीं रवसे। 
नीनवे सहरेन माणसे नीयावेन दाहड़े हीनी पीड़ीन माणसे साते उठीन हीनुक डंड जड़े असा ठेरावसे, काहाकी चे योनान परचार सामळीन भीणी सी मन फेरव्‌या; ने देखु, जां चे छे जु योना, सी बी बेसकु मटु छे, भगवानेन वात सामळावण्‌यु उबु हय रयु। 
दखवरा देसेन राणी नीयावेन दाहड़े हीनी पीड़ीन माणसे साते उठीन तीनुक डंड जड़े असा ठेरावसे, काहाकी ची राणी सुलेमानेन अक्‌कल सामळने करीन धरतीन खुणाम सी आवली, बाकुन देखु, जां छे चु सुलेमान सी बी अदु अकलवाळु उबु हय रयु। 
जत्‌यार भुतड़ान आत्‌मा काहनाक माणुस काजे छुड़ीन जाती रवे, ती ची आराम करने करीन, उजाड़ी मां जागु हेरतु हींडे, ने जत्‌यार आराम करने करीन जागु नी जड़े। 
तत्‌यार ची कह्‌वे, मे आपणा तीनात घर मां पछु जाती रय्‌स चां सी मे नीकळीन आवलु छे। ने पछी जाय्‌न तीना घर काजे सुंडलो, बाहरु-सुहरु करीन साप करलो ने जग-जग सींगारलो नर सुंडलो देखाय पड़े। 
तत्‌यार ची जाय्‌न तेरे सी बी कुहेरला भुतड़ान आत्‌मा काजे भेळा करीन पुठ्‌ये ली आवसे, ने ची तीना माणसेम आवीन वसी जाय, ने च माणुस पेहले सी बी अदु गांडवाय जाय, हीनी कळीन भुंडला माणसेन एला बी असीत हय जासे। 
जत्‌यार ईसु माणसेक सीकाड़नेत बाजी रवलु, तत्‌यार हेरी माय ने भायस बाहर उबा हय रवला ने ईसु काजे भेळा हवणे हींडी रवला। 
काहनुस आवीन ईसु काजे कह्‌यु, “देख, तारी माय ने तारु भायस बाहार हुबा हय रया, चे तुसे काजे भेळा हवणे हींडे।” 
ज्‌य सामळीन ईसु तीनाक कह्‌यु, “कुण छे मारी माय? ने कुण छे मारु भायस?” 
ने हेरा चेला भीणी हेरु हात अगु करीन कह्‌यु, “देखु, मारी माय ने मारु भायस जेत छे। 
काहाकी ज्‌य कुय मारा सरगेन बासेन मरजी पर चाले, हीयेत मारु भायस, ने मारी बहणीस, ने मारी माय छे।” 
